MPT Course 2026: प्रवेश, पात्रता, सिलेबस, फीस, सैलरी, करियर

MPT Course in Hindi: मानव शीर्ष की गति को बहाल करने, सुधारने और अनुकूल बनाए रखने में फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) अपनी अहम भूमिका निभाता है। फिजियोथेरेपी स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र का एक मह्त्वपूण हिस्सा है जो मैनुअल थेरेपी, शारीरिक गतिविधियों और बेहतर सलाह के माध्यम से मरीजों के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार करने पर केंद्रित है। यदि अपने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बीपीटी (बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी) प्रोग्राम कर लिया है और अपने ज्ञान और करियर को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं तो एमपीटी कोर्स एक बेहतर विकल्प है। यह न केवल शैक्षणिक योग्यता प्रदान करता है बल्कि चिकित्सा, अकादमिक और खोज संशोधन करियर के लिए बेहतर मागदर्शन है।

यह ब्लॉग लेख 2026 में एमपीटी कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने वाला है। लेख में आप विस्तार से जानेंगे कि एमपीटी क्या है और इस कोर्स को करने के लिए पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया, सिलेबस, टॉप संस्थान और फीस क्या है।

MPT Course

कोर्स का नाममास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी – MPT
पात्रता मानदंडबीपीटी या समकक्ष डिग्री
प्रवेश प्रक्रियाप्रवेश परीक्षा या मेरिट-योग्यता
अवधि2 वर्ष पूर्णकालिक
फीससंस्थान पर निर्भर

Table of Contents

एमपीटी (MPT Course) क्या है?

एमपीटी (Master of Physiotherapy) मेडिकल क्षेत्र में एक स्नातकोत्तर पेशेवर डिग्री कोर्स है जो मरीजों को फिजियोथेरेपी के विभिन्न विशेषज्ञताओं, उन्नत ज्ञान और कौशलों की सहायता से सेवा प्रदान करता है। इस कोर्स की अवधि दो वर्ष की होती है जो भारत देश के अलावा कई देशों में चिकित्सा परिषदों द्वारा मान्यता प्राप्त है और छात्रों को फिजियोथेरेपिस्ट विशेषज्ञ बनने का अवसर पदान करता है।

एमपीटी कोर्स के दौरान छात्रों को तंत्रिका विज्ञान, हृदय-श्वसन, मांसपेशीय-कंकाल, खेल और अन्य क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिलता है। यह कोर्स कुल 4 सेमेस्टरों में विभाजित होता है जिस दौरान नैदानिक ​​अभ्यास, शोध प्रबंध/अनुसंधान, परियोजनाएं और सैद्धांतिक पाठ्यक्रम का संयोजन होता है।

एमपीटी कोर्स क्यों करें?

2026 में बीपीटी (बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी) कोर्स करने के बाद स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में फिजियोथेरेपिस्ट विशेषज्ञ (Specialist) बनने के लिए एमपीटी (Master of Physiotherapy) प्रोग्राम चुनने के कई प्रमुख कारण हैं, नीचे कुछ कारणों को स्पष्ट किया गया है।

  • विशेषज्ञ बनने का अवसर: यदि आप स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्थि रोग, तंत्रिका विज्ञान, खेल, हृदय-श्वसन रोग और बाल रोग विशेषज्ञ बन मरीजों की सेवा करना चाहते हैं तो एमपीटी एक बेहतर विकल्प है। बीपीटी कोर्स करने के बाद फिजियोथेरेपी में केवल व्यापक ज्ञान ही धारण होता है लेकिन उच्च विशेषज्ञता हासिल करने के लिए एमपीटी अनिवार्य है।
  • बढ़ती मांग और नौकरी सुरक्षा: वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में एक अनुभवी फिजियोथेरेपिस्ट की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि गतिहीन जीवनशैली, बुजुर्गों की बढ़ती आबादी और नई उभरती बिमारियों में बढ़ोतरी के कारण फिजियोथेरेपी डिग्री धारकों की जरूरत है।
  • बेहतर नौकरी के अवसर: एमपीटी कोर्स करने के बाद पुनर्वास केंद्र, खेल अकादमी, शोध संगठनों, अस्पताल, फिटनेस सेंटर, वृद्धाश्रम, शैक्षणिक संस्थानों और गृह देखभाल जैसे क्षेत्रों में नौकरी के बेहतर अवसर मिलने की संभावनाएँ हो सकती हैं।
  • समाज में योगदान: स्नातकोत्तर में फिजियोथेरेपी करने के बाद समाज में दैनिक लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का कार्य कर सकते हैं। बूढ़े-बुजुर्ग लोगों का इलाज, दर्द से राहत और स्वतंत्र रूप से कार्य करने की क्षमता दिलाने में अपना सहयोग दे सकते हैं।
  • उच्च वेतन और वित्तीय स्थिरता: बीपीटी डिग्री धारकों की तुलना में एक एमपीटी डिग्री धारक फिजियोथेरेपिस्ट की सैलरी उच्च स्तर पर होती है और करियर में वृद्धि के बेहतर अवसर प्राप्त होने की संभावना कई गुना होती है।

एमपीटी कोर्स पात्रता मानदंड

2026 में एमपीटी (Master of Physiotherapy) में प्रवेश लेने के लिए उम्मीदवारों को कुछ आवश्यक पात्रताओं को पूरा करना अनिवार्य है। भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला लेने के लिए एमपीटी मानदंड नीचे दिए गए हैं।

शैक्षणिक विवरण:

  • उम्मीदवार किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी) या समकक्ष डिग्री में उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • बीपीटी में उम्मीदवार के न्यूनतम अंक 50% – 55% होना चाहिए, हालांकि आरक्षित श्रेणियों के लिए 45% – 50% अंक (संस्थान के नियमों अनुसार) निर्धारित हो सकते हैं।
  • बीपीटी करने के बाद एमपीटी करने के लिए 6 महीने की इंटर्नशिप पूरी करना अनिवार्य है। इंटर्नशिप किसी मान्यता प्राप्त अस्पताल या कॉलेज से होनी चाहिए।

आयु सीमा:

  • एमपीटी में दाखिला लेने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है, लेकिन कुछ सरकारी संस्थानों में न्यूनतम आयु 18 – 21 वर्ष हो सकती है।

प्रवेश प्रक्रिया:

एमपीटी स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम में दाखिला मुख्य दो तरीकों से किया जाता है प्रवेश परीक्षा या बीपीटी अंको के आधार पर मेरिट- सूची आधारित। एमपीटी में प्रवेश लेने के लिए दोनों तरीकों की प्रक्रिया नीचे दी गई है।

  • प्रवेश परीक्षा आधारित: कई संस्थान और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय एमपीटी में दाखिला देने के लिए प्रतिवर्ष प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) आयोजित करते हैं। उम्मीदवारों को पहले संस्थान या विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करना होता है। कुछ दिनों बाद प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी किया जाता है जिसे लेकर निर्धारित तिथि में परीक्षा केंद्र जाकर प्रवेश परीक्षा देनी होती है। 2-3 सप्ताह बाद परीक्षा परिणाम घोषित होता है जिसके बाद काउंसलिंग, फीस और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया होती है। अंत में सम्पूर्ण प्रक्रियाएँ होने के बाद सीट आवंटित कर दी जाती है।
  • मेरिट-योग्यता आधारित: एमपीटी कोर्स में गुण-संपन्न छात्रों के चयन के लिए कई निजी संस्थान बीपीटी (बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी) के अंकों के आधार पर मेरिट सूची जारी करते है। उम्मीदवार को पहले संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर प्रवेश के लिए आवेदन करना होता है, फिर 3-4 सप्ताह बाद मेरिट सूची जारी की जाती है। मेरिट सूची कई चरणों में जारी होती है जिसमे चयनित छात्रों को संस्थान में जाकर दस्तावेज सत्यापन और कोर्स फीस जमा करने के बाद सीट उपलब्ध हो जाती है।

एमपीटी कोर्स विशेषज्ञता

एमपीटी (Master of Physiotherapy) में दाखिला लेने के दौरान छात्रों को किसी एक विशेषज्ञता को चुनना होता है। यह विशेषज्ञता भविष्य में बेहतर करियर के लिए पद, वेतन और नौकरी का विवरण तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

  • ऑर्थोपेडिक फिजियोथेरेपी: जोड़ों और मांसपेशियों की समस्याएँ, हड्डियों, गठिया, पीठ दर्द और अस्थि-भंग से संबंधित।
  • न्यूरो फिजियोथेरेपी: स्ट्रोक, पार्किंसंस रोग, दिमाग और नसों से जुड़ी बीमारियों के उपचार में विशेषज्ञ बनने के लिए प्रमुख विशेषज्ञता।
  • सामुदायिक फिजियोथेरेपी: विकलांगता पुनर्वास, ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम और एनजीओ परियोजना क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए।
  • जेरियाट्रिक फिजियोथेरेपी: वृद्धाश्रम, बुढ़ापे का दर्द, जोड़ों में अकड़न और गृह देखभाल सेवा में योगदान देने के लिए।
  • पीडियाट्रिक फिजियोथेरेपी: बाल पुनर्वास केंद्र, जन्मजात विकार और मस्तिष्क पक्षाघात के रूप में करियर बनाने के लिए।
  • हृदय-श्वसन फिजियोथेरेपी: सीओपीडी, अस्थमा, हृदय शल्यक्रिया और हृदय अस्पताल से संबंधित क्षेत्रों एम् विविध करियर।
  • खेल फिजियोथेरेपी: खेल क्षेत्र में प्रदर्शन में सुधार, चोट से बचाव के लिए खेल अकादमी और धावक पुनर्वास केंद्रों में करियर।

MPT Course

एमपीटी कोर्स सिलेबस

एमपीटी (Master of Physiotherapy) स्नातकोत्तर प्रोग्राम का सिलेबस सभी संस्थानों और विश्वविद्यालयों में अलग-अलग रूपों में व्यवस्थित होता है क्योंकि इसका सिलेबस विशेषज्ञता अनुसार सैद्धांतिक, व्यावहारिक और नैदानिक पर केंद्रित होता है। समान रूप से लगभग सभी संस्थानों में विषयों के अनुसार लागू सिलेबस, यहां नीचे दिया गया है।

  • प्रथम वर्ष (First Year): फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, सांख्यिकीय विश्लेषण, नैदानिक ​​जैव यांत्रिकी, आधुनिक पुनर्वास अवधारणाएँ, इलेक्ट्रोथेरेपी, सैंपलिंग तकनीक, दर्द प्रबंधन तकनीक, हृदय-श्वसन क्षमता, मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति, एथलेटिक प्रशिक्षण, रोगी मूल्यांकन, फिजियोथेरेप्यूटिक तकनीकें और दृष्टिकोण आदि।
  • द्वितीय वर्ष (Second Year): विशेषज्ञता अनुसार विषय, नैदानिक ​​साक्ष्य का उपयोग, पुनर्वास तकनीकें, शोध प्रबंध और अनुसंधान परियोजना, स्वतंत्र रोगी प्रबंधन, रिसर्च आधारित निर्णय, मांसपेशीय-कंकाल संबंधी विकार, ICU फिजियोथेरेपी और विकासात्मक देरी आदि।

एमपीटी कोर्स प्रवेश परीक्षाएँ

कई केंद्रीय संस्थान, विश्वविद्यालय और राज्य अपने संस्थानों व मेडिकल कॉलेजों में एमपीटी (Master of Physiotherapy) स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिला के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) आयोजित करते हैं। 2026 में प्रवेश लेने के लिए यहाँ कुछ प्रमुख परीक्षाओं का संदेहास्पद किया गया है।

  • AIIMS MPT: यह परीक्षा कुछ चयनित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) एमपीटी में दाखिला लेने के लिए आयोजित की जाती है। यह एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जिसे AIIMS खुद आयोजित करता है।
  • IPU CET: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) और उसके सहयोगी कॉलेजों में प्रवेश के लिए।
  • PGIMER Entrance Exam: पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) संस्थान में प्रवेश के लिए।
  • JIPMER PG: जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) और सहयोगी कॉलेजों के एमपीटी कोर्स में दाखिला के लिए।
  • NEET PG: यह परीक्षा एमपीटी और अन्य मेडिकल कोर्सों में विभिन्न संस्थानों के लिए आयोजित की जाती है। इस परीक्षा को NBE (National Board of Examinations) संस्था द्वारा आयोजित किया जाता है।
  • Manipal Entrance Test: मणिपाल विश्वविद्यालय और उसके सहयोगी कॉलेजों में एमपीटी में दाखिला लेने के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा।
  • State Level Entrance Exams: कई राज्य अपने मेडिकल कॉलेजों और विज्ञान संस्थानों में एमपीटी प्रवेश के लिए स्वयं परीक्षाएं आयोजित करते हैं।

एमपीटी कोर्स प्रमुख संस्थान

2026 में एमपीटी (Master of Physiotherapy) स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिला के लिए भारत में कई केंद्रीय, राज्य-स्तरीय और निजी संस्थान हैं। यहाँ नीचे कुछ प्रमुख संस्थानों की सूची दी गई है।

केंद्रीय एमपीटी संस्थान:

  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली
  • राष्ट्रीय चलनांग विकलांगता संस्थान, कोलकाता
  • संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ
  • काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, आयुर्विज्ञान संस्थान, वाराणसी
  • स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़
  • मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई
  • बैंगलोर मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु
  • अखिल भारतीय शारीरिक औषधि एवं पुनर्वास संस्थान, मुंबई

निजी संस्थान:

  • श्री रामचंद्र उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, चेन्नई
  • क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर
  • कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल
  • अमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा
  • कृपानिधि फिजियोथेरेपी कॉलेज, बेंगलुरु
  • जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
  • मणिपाल उच्च शिक्षा अकादमी, मणिपाल
  • एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई

एमपीटी कोर्स आवेदन प्रक्रिया

एमपीटी (Master of Physiotherapy) में आवेदन करने के लिए कुछ बुनियादी चरणों को पूरा करना होता है। सभी संस्थानों में आवेदन की प्रक्रिया थोड़ी अलग हो सकती है लेकिन मुख्य चरण एक समान ही होते हैं। यदि आप 2026 में आवेदन करना चाहते हैं तो दिए गए इन चरणों को अनुसरण करें।

  • पात्रता की जांच: संस्थान या प्रवेश परीक्षा की आधिकारिक वेबसाइट में जाएँ और एमपीटी से संबंधित आयु सीमा, शैक्षणिक विवरण और विशेषज्ञता की समीक्षा करें।
  • पंजीकरण: संस्थान या परीक्षा की वेबसाइट में जाकर ‘New Admissions’ पर क्लिक करें और पंजीकरण करें। पंजीकरण करने के बाद एक पंजीकरण संख्या और पासवर्ड प्राप्त होगा जिसे कही नोट कर लें।
  • आवेदन पत्र भरें: पंजीकरण संख्या और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिंग करें और एमपीटी कोर्स चुनें। आवेदन पत्र खोलें, अब व्यक्तिगत विवरण, पता, सम्पर्क विवरण, शैक्षणिक विवरण, विशेषज्ञता विकल्प, परीक्षा केंद्र वरीयता (यदि लागू हो) और माता-पिता के विवरण की जानकारी भरें।
  • दस्तावेज अपलोड: अब सभी आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
  • आवेदन शुल्क जमा: अब अंतिम चरण में आवेदन शुल्क जमा करें। आवेदन शुल्क राशि सभी संस्थानों में अलग-अलग निर्धारित होती है, जिसे आप क्रेडिट/डेबिट कार्ड, UPI या नेट बैंकिंग द्वारा भुगतान कर सकते हैं।
  • आवेदन पत्र का प्रिंटआउट: अब अंतिम सबमिट पर क्लिक करें और आवेदन पत्र जमा कर दें। प्रिंटआउट एप्लिकेशन पर क्लिक करके फॉर्म को सेव कर लें।
  • प्रवेश परीक्षा/मेरिट: यदि प्रवेश परीक्षा आधारित आवेदन किया गया है तो परीक्षा में शामिल हों और बेहतर अंक लाने की कोशिश करें। वही मेरिट आधारित आवेदन किया है तो कुछ दिनों बाद बीपीटी के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।
  • परीक्षा परिणाम और मेरिट लिस्ट: अब परीक्षा परिणाम और मेरिट सूची जारी की जाएगी जिसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए आवेदन करना होगा। काउंसलिंग प्रक्रिया केवल उन लोगों के लिए है जिन्होंने प्रवेश परीक्षा दी है ताकि मेरिट सूची जारी की जा सके।
  • काउंसलिंग और दस्तावेज सत्यापन: काउंसलिंग के बाद चयनित उम्मीदवारों को संस्थान में जाकर दस्तावेज सत्यापन और कोर्स की फीस जमा करनी होगी। उसके बाद सीट आवंटित कर दी जाती है।

प्रमुख दस्तावेज:

  • 10वीं और 12वीं मार्कशीट
  • बीपीटी मार्कशीट और डिग्री सर्टिफिकेट
  • पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • इंटर्नशिप प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • चरित्र प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • प्रवेश परीक्षा का स्कोर कार्ड
  • काउंसलिंग अलॉटमेंट पत्र
  • माइग्रेशन सर्टिफिकेट (यदि संस्थान बदला हो)
  • स्वास्थ्य प्रमाण पत्र

MPT Course

एमपीटी कोर्स फीस

एमपीटी (Master of Physiotherapy) की फीस संस्थान, विशेषज्ञता, विभिन्न सुविधाओं (पुस्तकालय शुल्क, छात्रावास शुल्क, लैब शुल्क, परियोजना शुल्क, मेस शुल्क, सुरक्षा शुल्क) और रैंकिंग पर निर्भर करती है। नीचे बनी तालिका में संस्थान अनुसार कोर्स की अनुमानित शुल्क राशि दी गई है।

संस्थानअनुमानित वार्षिक शुल्ककुल फीस (2 साल)
सरकारी विश्वविद्यालय₹40,000 – ₹75,000₹80,000 – ₹1,50,000
निजी विश्वविद्यालय₹50,000 – ₹2,00,000₹1,00,000 – ₹4,00,000

एमपीटी कोर्स करियर विकल्प

एमपीटी (Master of Physiotherapy) कोर्स समाप्त करने के बाद कई प्रमुख क्षेत्रों में करियर अवसर प्राप्त कर सकते हैं। नीचे कुछ प्रमुख क्षेत्र दिए गए हैं।

  • अस्पताल और पुनर्वास क्षेत्र: अस्पतालों, नर्सिंग होम, पुनर्वास केंद्रों में मरीजों का इलाज करना और उनकी गतिशीलता तथा कार्यक्षमता में सुधार लाने के लिए क्लिनिकल फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में कार्य करना।
  • न्यूरो फिजियोथेरेपी: पार्किंसंस, स्ट्रोक या रीढ़ की हड्डी की चोटों से प्रभावित रोगियों की देखभाल करना और उनका इलाज करना।
  • खेल फिजियोथेरेपिस्ट: विभिन्न खेल सेंटरों में खिलाडियों को चोट लगने पर रक्त रोकथाम और इलाज करना।
  • जेरियाट्रिक फिजियोथेरेपिस्ट: बुजुर्ग व्यक्तियों को कमर दर्द, कंधे की जकड़न, घुटनों का दर्द, पीठ दर्द, अकड़न और जोड़ों की सूजन में राहत दिलाना।
  • अकादमिक और अनुसंधान: कॉलेजों और संस्थानों में व्याख्याता, सहायक प्रोफेसर या अनुसंधान सहायक के रूप में करियर।
  • बाल चिकित्सा फिजियोथेरेपिस्ट: बच्चों की मांसपेशियों की जकड़न, मसल टोन की कमी, विकासात्मक देरी, सीने की जकड़न और सांस की समस्या जैसी समस्याओं का समाधान करना।
  • आर्थोपेडिक फिजियोथेरेपिस्ट: हड्डियों के दर्द का इलाज, मांसपेशियों की कमजोरी, हड्डियों में जकड़न और शरीर यांत्रिकी के रूप में सेवा प्रदान करना।
  • निजी व्यवसाय: एमपीटी करने बाद खुद की क्लिनिक या वेलनेस सेंटर खोल सकते हैं।
  • सरकारी क्षेत्र: सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सरकारी रिसर्च संस्थान, रक्षा क्षेत्र, रेलवे विभाग, वृद्धाश्रम और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विभिन्न पदों पर नौकरी की संभावनाएँ।

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एमपीटी कोर्स सैलरी

बीपीटी की तुलना में एमपीटी (Master of Physiotherapy) डिग्री धारक व्यक्ति की सैलरी ज्यादा होती है, लेकिन सैलरी अनुभव, विशेषज्ञता, कार्य, क्षेत्र और शहर पर निर्भर करती है। दी गई तालिका में एमपीटी के बाद मिलने वाली सैलरी की अनुमानित राशि बताई गई है।

क्षेत्रअनुमानित वर्षिक आय
सरकारी अस्पताल4 लाख – 8 लाख
पुनर्वास केंद्र2.5 लाख – 4.5 लाख
खेल अकादमी3 लाख – 7 लाख
निजी अस्पताल2.5 लाख – 4 लाख
आर्थोपेडिक3.5 लाख – 6.5 लाख
शिक्षण संस्थान4 लाख – 6 लाख

कुछ संबंधित प्रश्न: FAQs

एमपीटी कितने साल का कोर्स है?

एमपीटी की अवधि 2 वर्ष की होती है जो 4 सेमेस्टरों में बंटा हुआ है। प्रत्येक सेमेस्टर 6 महीने के लिए होता है।

MPT क्या होता है?

एमपीटी (मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी) एक स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम है जो फिजियोथेरेपी में व्यावहारिक कौशल और सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करने पर केंद्रित है।

क्या एमपीटी डॉक्टर की डिग्री है?

नहीं, एमपीटी करने के बाद सीधे डॉक्टर नहीं बन सकते हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हड्डी रोग, खेल अकादमी, तंत्रिका रोग, बाल रोग और वृद्धावस्था रोग क्षेत्रों में अपना योगदान दे सकते हैं।

एमपीटी के लिए आयु सीमा क्या है?

सीधे तौर पर एमपीटी में दाखिला लेने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है, लेकिन कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों में न्यूनतम आयु को लेकर नियम हो सकते हैं।

मेडिकल में एमपीटी क्या है?

मेडिकल क्षेत्र में एमपीटी एक स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स है जिसे मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी कहा जाता है। यह कोर्स किसी एक विशेषज्ञता में ज्ञान देने पर केंद्रित होता है।

भारत में एक एमपीटी डॉक्टर कितना कमाता है?

भारत में एक एमपीटी डिग्री धारक व्यक्ति की सैलरी उसके कार्य और अनुभव पर निर्भर करती है, लेकिन फिर भी एक फ्रेशर सालाना 2-4 लाख कमा सकता है।

क्या एमपीटी एमबीबीएस के बराबर है?

नहीं, एमपीटी कोर्स स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर केंद्रित होता है, जबकि एमबीबीएस डॉक्टर स्तर का कोर्स है।

निष्कर्ष:

एमपीटी (Master of Physiotherapy) कोर्स उन छात्रों के लिए एक बेहतर सुरक्षित और सम्मानजनक करियर विकल्प है, जो बीपीटी के बाद किसी एक विशेषज्ञता में विशेषज्ञ बनकर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। यह कोर्स केवल एक समान स्नातकोत्तर डिग्री नहीं है बल्कि व्यावहारिक कौशलों और क्लिनिकल अनुभव की मदद से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी देता है।

यदि आप सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल, खेल क्षेत्र, पुनर्वास केंद्र, शिक्षण, अनुसंधान और निजी क्लीनिक क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं तो 2026 में एमपीटी कोर्स अवश्य चुनें। छात्रों हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी रहा होगा और एमपीटी कोर्स से संबंधी विभिन्न अवधारणाओं से परिचित भी हुए होंगे। यदि एमपीटी कोर्स या इस लेख में कोई समस्या उत्पन्न हो रही हो तो आप कमेंट के माध्यम से हमसे सहायता ले सकते हैं। धन्यवाद!

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