वर्तमान समय में बेहतर करियर अवसरों, सामाजिक सम्मान और स्थिर भविष्य के कारण बड़ी संख्या में छात्र कानूनी क्षेत्र को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसमें LLB Course उनकी पहली पसंद बनकर उभर रहा है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए उपयुक्त है, जो कानून, न्याय व्यवस्था और संविधान से संबंधित विषयों में रूचि रखते हैं और न्याय क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। यदि आप एक ऐसे छात्र हैं, जो सविंधान, न्याय प्रणाली और कानूनी व्यवस्थाओं को समझना चाहते हैं और समाज के लिए एक प्रभाविक भूमिका निभाना चाहते हैं, तो एलएलबी प्रोग्राम एक अच्छा मार्गदर्शन है।
यह कोर्स छात्रों को केवल कानूनी ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि तार्किक सोच, विश्लेषण क्षमता, न्यायिक प्रणाली की समझ और व्यावहारिक कौशलों का भी विकास करता है। इस कोर्स के बाद छात्र वकालत, न्यायालय, कानून अध्यापक, कानूनी सलाहकार (Legal Advisor) और विभिन्न सरकारी व निजी क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। इस लेख में हम एलएलबी से जुड़े प्रमुख अवधारणाओं को सरल भाषा में प्रस्तुत करेंगे। लेख में आप विस्तार से जानेंगे कि एलएलबी कोर्स क्या है और इसे करने के लिए पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया, सिलेबस, फीस और विभिन्न करियर विकल्प क्या हैं।

| कोर्स का नाम | बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ – LLB |
| पात्रता | 12वीं उत्तीर्ण या स्नातक डिग्री |
| अवधि | तीन वर्ष या पाँच वर्ष |
| स्तर | स्नातक |
| प्रवेश प्रक्रिया | प्रवेश परीक्षा/मेरिट-योग्यता या सीधा दाखिला |
LLB Course Details: एलएलबी क्या है?
एलएलबी (LLB) का पूरा नाम बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ (Bachelor of Legislative Law) है। यह एक स्नातक (Undergraduate) डिग्री प्रोग्राम है, जो पूरी तरह कानून और न्याय व्यवस्था पर केंद्रित होता है। इस कोर्स की अवधि 3 वर्ष और 5 वर्ष की होती है। यदि आप 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एलएलबी में दाखिला लेते हैं तो पाँच वर्ष, वहीं स्नातक डिग्री पूरी करने के बाद दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए तीन वर्ष निर्धारित है। इस कोर्स को विशेष रूप से उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है, जो न्याय, संविधान और कानूनी क्षेत्र में करियर बनाने की रुचि रखते हैं। एलएलबी के दौरान छात्रों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों रूपों में पढ़ाया जाता है।
एलएलबी कोर्स क्यों चुनें?
2026 में आपको एलएलबी कोर्स क्यों चुनना चाहिए, इसके कोई एक या दो कारण नहीं है। एलएलबी कोर्स चुनने का सबसे बड़ा कारण छात्रों की रुचि, सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी होती है। एलएलबी कोर्स चुनने के कई कारण हैं, यहाँ नीचे कुछ प्रमुख कारणों को दर्शाया गया है।
- कानून से संबंधित ज्ञान: एलएलबी कोर्स छात्रों को केवल शैक्षणिक योग्यता और डिग्री प्रमाण पत्र ही प्रदान नहीं करता, बल्कि उन्हें कानून से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों का ज्ञान भी प्रदान करता है। इस कोर्स के दौरान छात्रों को कानूनी सिद्धांत, न्याय प्रणाली, संवैधानिक कानून और न्यायिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ विकसित करने का अवसर मिलता है।
- विभिन्न करियर विकल्प: एलएलबी करने के बाद वकालत, अदालत से जुड़ी सेवाएँ, न्यायिक क्षेत्र, सामाजिक सेवाएँ, कानूनी सलाहकार, कॉर्पोरेट लॉ और अन्य विभिन्न सरकारी क्षेत्रों में विकल्प के अवसर मिल सकते हैं।
- वित्तीय स्थिरता और करियर ग्रोथ: एलएलबी की डिग्री प्राप्त करने के बाद तुंरत प्रोफेशनल करियर बना पाना थोड़ा मुश्किल कार्य हो सकता है, हालाँकि विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव और विशेषज्ञता बढ़ने के साथ बेहतरीन अच्छी सैलरी वाली नौकरियों के अवसर भी प्राप्त होते हैं।
- कानूनी शिक्षक के अवसर: एलएलबी कोर्स करने के बाद आपके लिए शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। इस कोर्स को करने के बाद आप निजी कॉलेजों, लॉ संस्थानों और कोचिंग सेंटरों के माध्यम से छात्रों को कानून की पढ़ाई पढ़ा सकते हैं।
- सामाजिक योगदान: एलएलबी केवल शैक्षणिक डिग्री और करियर निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में हो रहे विभिन्न अपराधों, अन्याय और असमानताओं के खिलाफ आवाज उठाने व उनको सुधारने के लिए प्रेरणा भी देता है।
एलएलबी कोर्स के प्रकार
एलएलबी कोर्स मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं तीन वर्षीय एलएलबी और पाँच वर्षीय एलएलबी। यहाँ नीचे दोनों एलएलबी कोर्सों पर चर्चा की गई है।
- तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स: इस एलएलबी कोर्स की समय अवधि मुख्य रूप से 3 वर्ष होती है। तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स करने के लिए छात्रों को पहले स्नातक डिग्री कोर्स पूरा करना होता है। तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स के लिए बीए, बीकॉम, बीबीए और बीएससी जैसे स्नातक कोर्स कर सकते हैं।
- पाँच वर्षीय एलएलबी कोर्स: पाँच वर्षीय एलएलबी को बीए एलएलबी भी कोर्स कहा जाता है, जिसे 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद किया जाता है। जब कोई छात्र 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद पाँच वर्षीय एलएलबी चुनता है, तो इस कोर्स में बीए+एलएलबी, बीकॉम+एलएलबी और बीबीए+एलएलबी जैसे विशेषज्ञता होते हैं।
एलएलबी कोर्स पात्रता मानदंड
एलएलबी के लिए पात्रता कोर्स के प्रकारों पर निर्भर करती है। जैसा कि पहले बताया ही है कि एलएलबी कोर्स मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं तीन वर्षीय एलएलबी और पाँच वर्षीय एलएलबी। एलएलबी में दाखिला लेने के लिए कोर्स के प्रकार अनुसार कुछ आवश्यक शैक्षणिक पात्रताओं का होना अनिवार्य है। नीचे इन दोनों कोर्सों के लिए आवश्यक मानदंडों को स्पष्ट रूप से समझाया गया है।
शैक्षणिक योग्यता:
- तीन वर्षीय एलएलबी: तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स करने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री (BA, BCom, BBA) में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। स्नातक में कम से कम 40% से 50% अंक होना आवश्यक है, हालाँकि आरक्षित वर्ग के छात्रों को कुछ संस्थानों में छूट भी दी जाती है।
- पाँच वर्षीय एलएलबी: पाँच वर्षीय एलएलबी करने के लिए किसी भी वर्ग (कला, वाणिज्य या विज्ञान) में, किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। 12वीं के बाद एलएलबी कोर्स में प्रवेश लेने के लिए कम से कम 50% अंक होना अनिवार्य है।
आयु सीमा:
- एलएलबी कोर्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है, हालाँकि कुछ संस्थान और विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश नीतियों में अधिकतम आयु सीमा तय कर सकते हैं।
राष्ट्रीयता:
- एलएलबी कोर्स में दाखिला केवल भारतीय नागरिक ही ले सकते हैं, लेकिन कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और संबंधित विश्वविद्यालयों के नियमों अनुसार विदेशी छात्र भी प्रवेश ले सकते हैं।
प्रवेश प्रक्रिया:
एलएलबी में प्रवेश की प्रक्रिया अलग-अलग कॉलेजों और संस्थानों में भिन्न हो सकती है। कुछ प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान प्रवेश परीक्षा या मेरिट-योग्यता के माध्यम से दाखिला देते हैं, जबकि कुछ निजी कॉलेजों में सीधा दाखिला दिया जाता है। इसलिए एलएलबी में प्रवेश लेने से पहले सही प्रक्रिया को समझना बेहद जरूरी होता है।
- कोर्स चुनें: यदि आप 12वीं के बाद एलएलबी करना चाहते हैं, तो पाँच वर्षीय एलएलबी और अगर स्नातक डिग्री के बाद करना चाहते हैं तो तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स चुनें।
- संस्थान का चयन: कोर्स का प्रकार चुनने के बाद एक बेहतरीन लॉ संस्थान का चयन करें। संस्थान चुनते समय उसकी रैंकिंग, फीस, प्रवेश प्रक्रिया, आवेदन प्रक्रिया और सिलेबस की अच्छे से समीक्षा कर लें।
- पात्रताओं की जाँच: आपने जिस संस्थान को चुना है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट में जाएँ और सभी आवश्यक मानदंडों की जाँच करें।
- प्रवेश के लिए आवेदन करें: यदि आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है, तो संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट में जाएँ और ऑनलाइन आवेदन करें। इसके अलावा कुछ संस्थान ऑफलाइन दाखिला देते हैं तो सीधा संस्थान जाकर आवेदन पत्र भरके जमा कर दें।
- प्रवेश परीक्षा या मेरिट सूची: आवेदन करने के बाद प्रवेश परीक्षा आधारित आवेदकों को परीक्षा देना होगा, जिसके लिए प्रवेश पत्र जारी होने के बाद निर्धारित तिथि में परीक्षा केंद्र जाएँ और बेहतर अंक लाने की कोशिश करें। मेरिट-योग्यता आधारित आवेदकों के लिए मेरिट सूची जारी की जाएगी।
- काउंसलिंग: परीक्षा परिणाम आने के बाद काउंसलिंग के लिए आवेदन करें। जिसमे आपको कोर्स का प्रकार और संस्थान चुनना होगा।
- दस्तावेज सत्यापन और फीस: काउंसलिंग होने के बाद प्राप्त संस्थान में सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर जाएँ और कोर्स की फीस जमा कर दें।
आवश्यक कौशल:
- विश्लेषणात्मक सोच
- संचार कौशल
- स्व-प्रबंधन कौशल
- निर्णय लेने की क्षमता
- समस्या समाधन कौशल
- समय प्रबंधन कौशल
- तार्किक तर्क
- शोध कौशल
- ध्यान केंद्रित करने की क्षमता
- नेतृत्व कौशल
- नैतिकता और सत्यनिष्ठा
- मौखिक संचार कौशल
- लिखित संचार कौशल

एलएलबी कोर्स पाठ्यक्रम
एलएलबी के दौरान छात्रों को कानून से संबंधित विभिन्न विषयों का अध्ययन कराया जाता है। इन विषयों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कानूनी सिद्धांतों, न्यायिक प्रक्रियाओं और व्यावहारिक पहलुओं की समग्र जानकारी प्रदान करना होता है। एलएलबी में पढ़ाए जाने वाले विषय कोर्स के प्रकार और विश्वविद्यालय के अनुसार थोड़े बहुत अलग हो सकते हैं, लेकिन मुख्य रूप से अध्ययन कराए जाने वाले विषय एक समान ही होते हैं। यहाँ नीचे एलएलबी के प्रमुख विषयों की सूची दी गई है।
- भारतीय संविधान
- प्रशासनिक कानून
- कानूनी लेखन और शोध
- मौलिक अधिकार और कर्तव्य
- अंतर्राष्ट्रीय कानून
- प्रोफेशनल एथिक्स
- लॉ ऑफ इंश्योरेंस
- एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ
- को-ऑपरेटिव लॉ
- साक्ष्य और प्रक्रिया कानून
- मानवाधिकार कानून
- परिवार और व्यक्तिगत कानून
- कर कानून
- अपराधिक कानून
- दीवानी कानून
- श्रम कानून
- कॉर्पोरेट और व्यापारिक कानून
एलएलबी कोर्स प्रमुख प्रवेश परीक्षाएँ
एलएलबी में प्रवेश के लिए हर वर्ष विभिन्न राष्ट्रीय, राज्य और विश्वविद्यालय स्तर की प्रवेश परीक्षाएँ आयोजित की जाती हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित लॉ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दाखिला दिया जाता है। यहाँ एलएलबी कोर्स के लिए आयोजित की जाने वाली कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की सूची दी गई है।
- कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT)
- अखिल भारतीय विधि प्रवेश परीक्षा (AILET)
- कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET)
- लॉ स्कूल प्रवेश परीक्षा इंडिया (LSAT India)
- महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (विधि) (MH CET Law)
- आंध्र प्रदेश विधि सामान्य प्रवेश परीक्षा (AP LAWCET)
- दिल्ली विश्वविद्यालय एलएलबी प्रवेश परीक्षा
- काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्नातक प्रवेश परीक्षा (विधि) (BHU UET Law)
- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय विधि प्रवेश परीक्षा (AMU Law Entrance Exam)
- लखनऊ विश्वविद्यालय विधि प्रवेश परीक्षा
- तेलंगाना राज्य विधि सामान्य प्रवेश परीक्षा (TS LAWCET)
- सिंबायोसिस लॉ एडमिशन टेस्ट (SLAT)
- केरल विधि प्रवेश परीक्षा (KLEE)
एलएलबी कोर्स शीर्ष संस्थान
2026 में एलएलबी कोर्स करने के लिए भारत में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय, कॉलेज और विधि संस्थान उपलब्ध हैं। लेकिन सही कॉलेज का चयन करना बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है बल्कि भविष्य में डिग्री की मान्यता, करियर और पेशेवर विश्वसनीयता भी तय होती है। नीचे कुछ शीर्ष संस्थानों की सूची दी गई है।
- नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु
- नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, नई दिल्ली
- नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर, जोधपुर
- नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च, हैदराबाद
- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली
- हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद
- मुंबई विश्वविद्यालय, मुंबई
- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़
- गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर
- नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज, कोच्चि
- महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी मुंबई, मुंबई
- तमिलनाडु नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, तिरुचिरापल्ली
- काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी
- राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, पटियाला
- लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
- बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी
- पश्चिम बंगाल राष्ट्रीय न्यायशास्त्र विश्वविद्यालय (WBNUJS), कोलकाता
- सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे
- बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ
- दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
- डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ
एलएलबी कोर्स आवेदन प्रक्रिया
एलएलबी में दाखिला लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया बहुत ही सरल है। यहाँ नीचे एलएलबी कोर्स के लिए आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से दी गई है।
- सबसे पहले आप चुने गए कॉलेज या विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) प्रक्रिया को पूरा करें। अब पंजीकरण करने के बाद एक पंजीकरण आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- पंजीकरण आईडी और पासवर्ड की सहायता से लॉगिन करें और आवेदन पत्र खोलें।
- आवेदन पत्र खुलने के बाद अब व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक विवरण, जन्म तिथि, पता, राष्ट्रीयता, कोर्स का प्रकार, संस्थान, परीक्षा केंद्र विवरण (प्रवेश परीक्षा के लिए) और संपर्क विवरण सावधानीपूर्वक भरें।
- अब सभी आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन कॉपी फॉर्मेट में अपलोड करें।
- अब एक बार पूरे आवेदन पत्र की समीक्षा कर लें और आवेदन शुल्क भुगतान करें।
- आवेदन शुल्क राशि सभी संस्थानों में अलग-अलग होती है, जिसे आप डेबिट/क्रेडिट कार्ड, UPI या नेट बैंकिंग के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं।
- सभी जानकारी भरने के बाद अब आवेदन पत्र जमा (Submit) करें।
- प्रिंटआउट पर क्लिक करें और शुल्क भुगतान व आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सेव कर लें।
आवश्यक दस्तावेज:
- 10वीं कक्षा का प्रमाण पत्र
- 12वीं की मार्कशीट
- स्नातक डिग्री (पाँच वर्षीय कोर्स के लिए)
- एडमिट कार्ड (यदि प्रवेश परीक्षा लागू हो)
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- जन्म प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- जाती प्रमाण पत्र (यदि आरक्षण का लाभ लेना हो)
- चरित्र प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- स्थानांतरण प्रमाण पत्र (T. C.)
- प्रवेश परीक्षा का स्कोर कार्ड
- मेडिकल प्रमाण पत्र

एलएलबी कोर्स फीस
एलएलबी की फीस कोर्स के प्रकार, संस्थान के प्रकार, संस्थान की रैंकिंग और विभिन्न सुविधाओं (छात्रावास शुल्क, पुस्तकालय शुल्क, विकास शुल्क, मेस शुल्क, परीक्षा शुल्क) पर निर्भर करती है। नीचे बनी दो तालिकाओं में कोर्स और संस्थान के अनुसार अनुमानित कुल फीस की जानकारी दी गई है।
तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स फीस:
| संस्थान | अनुमानित वार्षिक फीस | कुल फीस (3 वर्ष) |
| सरकारी विश्वविद्यालय | ₹10,000 – ₹30,000 | ₹30,000 – ₹90,000 |
| निजी विश्वविद्यालय | ₹25,000 – ₹2,50,000 | ₹75,000 – ₹7,50,000 |
पाँच वर्षीय एलएलबी कोर्स फीस:
| संस्थान | अनुमानित वार्षिक फीस | कुल फीस (5 वर्ष) |
| सरकारी विश्वविद्यालय | ₹20,000 – ₹60,000 | ₹1,00,000 – ₹3,00,000 |
| निजी विश्वविद्यालय | ₹30,000 – ₹3,00,000 | ₹1,50,000 – ₹15,00,000+ |
एलएलबी कोर्स करियर विकल्प
एलएलबी कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवारों के लिए कानूनी और गैर-कानूनी दोनों क्षेत्रों में कई आकर्षक करियर विकल्प उपलब्ध होने की संभावनाएँ होती हैं। कानूनी पढ़ाई न केवल अदालतों तक सीमित है, बल्कि सरकारी सेवाओं, निजी कंपनियों, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में भी बेहतरीन करियर अवसर प्रदान करती हैं। यहाँ नीचे एलएलबी के बाद उपलब्ध कुछ प्रमुख करियर क्षेत्रों की सूची दी गई है।
- कॉर्पोरेट लॉयर
- वकील
- कानूनी अध्यापक
- लीगल अफसर
- पारिवारिक वकील
- बैंकिंग वकील
- असिस्टेंट कोर्ट सेक्रेटरी
- पर्यावरण संरक्षक वकील
- न्यायिक सेवाएँ
- सामाजिक सेवाएँ
- न्यायधीश
- कानूनी सलाहकार
- विधि शोधकर्ता
- कानूनी पत्रकार
- कानूनी लेखक
- मीडिया और एंटरटेनमेंट वकील
- सरकारी क्षेत्र (रेलवे, बैंकिंग, सिविल सेवा, एसएससी)
संबंधित लेख: 2026 में बीबीए कोर्स कैसे करें?
एलएलबी कोर्स सैलरी
एलएलबी करने के बाद व्यक्ति की कमाई या सैलरी उसके कार्य, अनुभव, कौशल, विशेषज्ञता, कार्यस्थल (सरकारी या निजी) और अन्य घटकों पर निर्भर करती है। नीचे बनी तालिका में एलएलबी के बाद विभिन्न क्षेत्रों के अनुसार अनुमानित वार्षिक सैलरी का विवरण प्रस्तुत किया गया है।
| कनिष्ठ वकील | ₹3.0 – ₹6.0 लाख |
| कॉरपोरेट लॉयर | ₹4.0 – ₹12.0 लाख |
| वरिष्ठ वकील | ₹6.5 – ₹14.0 लाख+ |
| सरकारी लॉ ऑफिसर | ₹5.0 – ₹8.0 लाख |
| कानूनी पत्रकार | ₹2.5 – ₹6.0 लाख |
| लॉ प्रोफेसर | ₹5.0 – ₹14.0 लाख |
कुछ संबंधित प्रश्न: FAQs
एलएलबी क्या है?
एलएलबी एक तीन वर्षीय और पाँच वर्षीय कानून से संबंधित कोर्स हैं। एलएलबी का पूरा नाम बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ या बैचलर ऑफ लॉ होता होता है। यह कोर्स पूरी तरह न्याय और कानूनी क्षेत्र पर केंद्रित होता है।
LLB करने के लिए कौन-सी पढ़ाई करनी चाहिए?
यदि आप तीन वर्षीय एलएलबी करना चाहते हैं तो बीए, बीकॉम या बीबीए में स्नातक डिग्री पूरी करें और यदि पाँच वर्षीय एलएलबी करना चाहते हैं तो कला, वाणिज्य या विज्ञान में किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण करें।
एलएलबी की 1 साल की फीस कितनी होती है?
एलएलबी की फीस विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अलग-अलग होती है, लेकिन सरकारी संस्थानों में एलएलबी की वार्षिक अनुमानित फीस ₹10,000 से ₹30,000 तक होती है।
एलएलबी कोर्स कितने प्रकार के होते हैं?
एलएलबी मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं तीन वर्षीय एलएलबी या पाँच वर्षीय एलएलबी।
एलएलबी करने के क्या फायदे हैं?
एलएलबी करने के बाद कई सम्मानजनक और स्थिर करियर विकल्प उपलब्ध होते हैं। आप वकील, कानूनी सलाहकार, न्यायधीश, शिक्षक, न्यायिक सेवाओं और कॉर्पोरेट लॉ जैसे क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
एलएलबी उन छात्रों के लिए एक बेहतर और सम्मानजनक करियर विकल्प है, जो कानूनी क्षेत्र में रुचि रखते हैं और अपनी रूचि अनुसार करियर बनाना चाहते हैं। वर्तमान समय में बढ़ते करियर अवसरों, सामाजिक सम्मान और स्थिर भविष्य को देखते हुए छात्रों की पहली पसंद एलएलबी कोर्स बन चुका है। यही कारण है कि आज के समय में अधिकांश छात्र एलएलबी कोर्स करना पसंद करते हैं।
यह कोर्स न सिर्फ कानूनी और शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि समाज में, अन्याय, अपराध और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के गुणों को भी विकसित करता है। यदि आप अपने भविष्य के लिए कानून के क्षेत्र में बेहतरीन भविष्य का निर्माण चाहते हैं, तो 2026 में एलएलबी कोर्स जरूर चुनें। बाकी हम आशा करते हैं कि यह लेख एलएलबी कोर्स में रूचि रखने वालों के लिए जरूर उपयोगी रहा होगा और आपको अपने करियर से जुड़ा सही निर्णय लेने में मदद मिली होगी।
