मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग होने के कारण आज के समय में आंखों से जुड़ी समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं। पहले की तुलना में लोगों को चश्मे, कॉन्टैक्ट लेंस और आंखों की जाँच की जरूरत कई गुना बढ़ गई है। ऐसे में मेडिकल क्षेत्र में बेहतरीन करियर बनाने के लिए ऑप्टोमेट्री (Optometry) एक शानदार विकल्प हो सकता है। यदि आप मेडिकल क्षेत्र में एक ऐसा करियर बनाना चाहते हैं, जिसमें आप लोगों की आंखों की देखभाल, दृष्टि परीक्षण और उपचार में सहायता कर सकें, तो बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स एक बेहतरीन और करियर-उन्मुख विकल्प है।
यदि आप 2026 में बी.ऑप्टम कोर्स करने की योजना बना रहे हैं, लेकिन इस कोर्स से संबंधित सही मार्गदर्शन और करियर का जानकारी नहीं है तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी होने वाला है। इस लेख में आप जानेंगे कि बी.ऑप्टम कोर्स क्या है? इसे करने के लिए पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया, बेहतर संस्थान और करियर के विकल्प क्या हैं।

| कोर्स का नाम | बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) |
| पात्रता | 12वीं उत्तीर्ण PCB या PCM) |
| अवधि | 4 वर्ष (3 वर्ष शिक्षा + 1 वर्ष इंटर्नशिप) |
| प्रवेश प्रक्रिया | मेरिट-योग्यता या प्रवेश परीक्षा |
| फीस | संस्थान पर निर्भर |
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स क्या है?
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) एक व्यावसायिक स्तर का स्नातक मेडिकल डिग्री कोर्स है, जो आंखों की जाँच, आँखों की देखभाल, दृष्टि समस्याओं के निदान, नेत्र रोगों की पहचान और देखने की क्षमता में सुधार लाने पर केंद्रित है। इस कोर्स को अवधि 4 वर्ष की होती है, जिसमे 3 वर्ष की अकादमिक शिक्षा और 1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है।
बी.ऑप्टम कोर्स के दौरान छात्रों को ऑप्टोमेट्रिक सिद्धांतों, नैदानिक प्रक्रियाओं, आँखों के रोगों, दृष्टि परीक्षण, ऑप्टिकल उपकरणों के उपयोग, संपर्क लेंस फिटिंग और आंखों से जुड़ी बीमारियों से संबंधित पाठ्यक्रमों के बारे में गहन ज्ञान प्रदान किया जाता है। इस कोर्स का पाठ्यक्रम सैद्धांतिक, व्यावहारिक और नैदानिक प्रशिक्षण रूपों में विभाजित होता है, ताकि छात्रों को ऑप्टोमेट्री के क्षेत्र में पूर्ण दक्षता प्राप्त हो।
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स क्यों करें?
2026 में बी.ऑप्टम कोर्स क्यों चुनना चाहिए, इसका कोई एक निश्चित जवाब नहीं है, क्योंकि इस कोर्स को चुनने के पीछे कई व्यावहारिक, करियर-उन्मुख और व्यक्तिगत कारण हो सकते हैं। छात्रों की उनकी रूचि, करियर लक्ष्य, मेडिकल क्षेत्र में बेहतर संभावनाएँ और आर्थिक स्थिति बी.ऑप्टम कोर्स की ओर आकर्षित करती है। यहाँ नीचे बी.ऑप्टम कोर्स चुनने के कुछ प्रमुख कारणों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
- विविध करियर विकल्प: स्नातक में ऑप्टोमेट्री कोर्स में डिग्री धारक व्यक्ति के पास कई विविध करियर विकल्प मौजूद हैं- जैसे लेंस निर्माण कंपनियाँ, शोध निर्माण संस्थान, क्लीक्निस, आँखों का अस्पताल, ऑप्टिकल शोरूम और शैक्षणिक संस्थान आदि।
- सेवा-उन्मुख पेशा: बी.ऑप्टम कोर्स केवल नौकरी के अवसर प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में लोगों की सेवा करने का अवसर भी प्रदान करता है। आप निःशुल्क कैंप संस्थानों में सेवा प्रदान करके लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं।
- बढ़ती माँग और रोजगार के अवसर: वर्तमान समय में नेत्र देखभाल सेवकों और आँख विशेषज्ञों की माँग केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भी तेजी से बढ़ रही है। बुजुर्गों की बढ़ती आबादी, डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग और आँखों में बढ़ती समस्याओं के कारण ऑप्टोमेट्रिस्ट की आवश्यकता में वृद्धि बढ़ रही है।
- सरकारी और निजी क्षेत्रों में करियर: बी.ऑप्टम कोर्स सफलतापूर्वक समाप्त करने के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों, मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र और एनजीओ आँख सेंटरों में बेहतरीन करियर विकल्प मौजूद हैं।
- उद्यमिता के अवसर: जरुरी नहीं है कि आप बी.ऑप्टम कोर्स करने के बाद नौकरी पर ही निर्भर हों। आप खुद का ऑप्टिकल स्टोर, विजन केयर सेंटर या क्लीनिकल व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
- उच्च शिक्षा के मार्ग: बी.ऑप्टम कोर्स के बाद आप बेहतर करियर अवसर, रिसर्च विकल्प और उच्च सैलरी के अवसर प्राप्त करने के लिए M.Optom (Master of Optometry), MSc Optometry और PhD in Vision Science जैसे उच्च शिक्षा कोर्स विकल्प चुन सकते हैं।
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स पात्रता मानदंड
बी.ऑप्टम में प्रवेश लेने के लिए कुछ आवश्यक पात्रताओं और प्रवेश शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। यह सभी मानदंड विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। यहाँ, नीचे बी.ऑप्टम कोर्स में दाखिला लेने के लिए सभी मानदंडों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
शैक्षणिक योग्यता:
- उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) उत्तीर्ण हो।
- 12वीं में विज्ञान वर्ग (भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान) होना चाहिए।
- कुछ संस्थान गणित (PCM) उम्मीदवारों को भी स्वीकार करते हैं।
न्यूनतम अंक:
- 12वीं में कम से कम 50% – 60% अंक होना अनिवार्य है, हालाँकि आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC) के छात्रों को संस्थान के अनुसार अंकों में छूट प्रदान की जाती है।
आयु सीमा:
- उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है, हालाँकि कुछ संस्थानों में नियम लागू हो सकते हैं।
प्रवेश पक्रिया:
भारत में बी.ऑप्टम कोर्स में दाखिला मुख्यतः दो तरीकों से होता है- प्रवेश परीक्षा या मेरिट-योग्यता आधारित।
- प्रवेश परीक्षा आधारित: कई प्रमुख संस्थान, विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज बी.ऑप्टम में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। उम्मीदवारों को पहले संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। उसके बाद प्रवेश पत्र जारी किया जाता है और परीक्षा में हिस्सा लेना होता है। परीक्षा परिणाम आने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया, दस्तावेज सत्यापन और कोर्स की फीस जमा होने के बाद छात्रों को सीट आवंटन कर दिया जाता है।
- मेरिट-योग्यता आधारित: कुछ निजी संस्थान बी.ऑप्टम कोर्स में प्रवेश के लिए छात्रों का चयन 12वीं के अंकों के आधार पर करते हैं। उम्मीदवारों को पहले संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर ऑनलाइन या स्वयं संस्थान में जाकर आवेदन करना होता है। आवेदन के कुछ सप्ताह बाद कई चरणों में मेरिट सूची निकाली जाती है। चयनित छात्रों को संस्थान में जाकर दस्तावेज सत्यापन और कोर्स फीस जमा करके प्रवेश सुनिश्चित करना होता है।
आवश्यक कौशल:
बी.ऑप्टम कोर्स करने के लिए केवल शैशैक्षणिक योग्यता और प्रवेश मानदंड ही पर्याप्त नहीं होते हैं, बल्कि सफल करियर बनाने के लिए कुछ बुनियादी कौशलों का होना भी आवश्यक है। 2026 में बी.ऑप्टम कोर्स करने वाले छात्रों के लिए नीचे कुछ प्रमुख और आवश्यक कौशल दिए गए हैं।
- स्पष्ट बोलने की क्षमता
- सहानुभूति
- सही नंबर निकालना
- बुनियादी कंप्यूटर का ज्ञान
- समस्या समाधान क्षमता
- क्लीनिकल स्किल्स
- मेडिकल एथिक्स
- आधुनिक मशीनों और उपकरणों का उपयोग
- विश्लेषणात्मक कौशल
- नैदानिक कौशल

बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स पाठ्यक्रम
बी.ऑप्टम कोर्स का पाठ्यक्रम विभिन्न विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में थोड़ा-बहुत भिन्न हो सकता है, हालाँकि यह अंतर पाठ्यक्रम की संरचना और सेमेस्टर वितरण में होता है, जबकि कोर्स में पढ़ाए जाने वाले मुख्य विषय लगभग सभी जगह समान रहते हैं। बी.ऑप्टम कोर्स का पाठ्यक्रम कुछ इस प्रकार विभाजित किया गया है कि छात्रों को सैद्धांतिक, व्यावहारिक और नैदानिक प्रशिक्षण तीनों में दक्षता प्राप्त हो। यहाँ, नीचे वर्ष अनुसार बी.ऑप्टम कोर्स का संपूर्ण सिलेबस विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
- प्रथम वर्ष (1st Year): मानव शरीर रचना विज्ञान, आंख की संरचना, जनरल फिजियोलॉजी, मेडिकल टर्मिनोलॉजी, बेसिक ऑप्टिक्स, नेत्र संबंधी शरीर रचना विज्ञान, भौतिक प्रकाशिकी और व्यावहारिक ज्यामितीय प्रकाशिकी, बुनियादी नेत्र औषध विज्ञान और कंप्यूटर की बुनियादी बातें।
- द्वितीय वर्ष (2nd Year): ऑक्यूलर डिजीज, नेत्र संबंधी उपकरण, फार्माकोलॉजी, विजुअल ऑप्टिक्स, प्रकाशिकी और अपवर्तन, अस्पताल प्रक्रियाएँ और मनोविज्ञान, ऑप्टोमेट्री प्रैक्टिकल और संपर्क लेंस प्रौद्योगिकी।
- तृतीय वर्ष (3rd Year): लो विजन एड्स, रेटिना और न्यूरो ऑप्टोमेट्री, क्लीनिकल ऑप्टोमेट्री, नेत्र गतिशीलता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और समुदाय, उन्नत ऑर्थोटिक्स, णालीगत रोग और प्रमुख नेत्र रोग, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और पीडियाट्रिक ऑप्टोमेट्री।
- चौथा वर्ष (4th Year): अस्पताल और क्लीनिक में इंटर्नशिप, रिसर्च प्रोजेक्ट, केस स्टडीज और ऑप्टिकल क्लीनिक मैनेजमेंट।
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स प्रवेश परीक्षाएँ
बी.ऑप्टम कोर्स में प्रवेश के लिए कई विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और निजी संस्थानों द्वारा प्रवेश परीक्षाएँ (Entrance Exams) आयोजित की जाती हैं। इन परीक्षाओं का उद्देश्य बी.ऑप्टम कोर्स के लिए ऐसे छात्रों का आकलन करना होता है, ऑप्टोमेट्री जैसे मेडिकल क्षेत्र में स्नातक की पढ़ाई के लिए सक्षम हों। यहाँ बी.ऑप्टम कोर्स में प्रवेश के लिए कुछ प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की जानकारी दी गई है।
- CUET UG (Common University Entrance Test): CUET UG भारत की सबसे बड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसे NTA National Testing Agency) द्वारा संचालित किया जाता है। कई विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज इस परीक्षा के माध्यम से बी.ऑप्टम के साथ अन्य स्नातक प्रोग्रामों में प्रवेश देते हैं।
- AIIMS Paramedical Entrance Exam: यह एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसे AIIMS (Delhi) और अन्य AIIMS संस्थानों में बी.ऑप्टम, मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्सों में दाखिला लेने के लिए आयोजित किया जाता है।
- KCET (Karnataka Common Entrance Test): कर्नाटक राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में ऑप्टम कोर्स में प्रवेश के लिए KCET परीक्षा आयोजित की जाती है।
- UP CPET: उत्तर प्रदेश राज्य के मेडिकल कॉलेजों, पैरामेडिकल कॉलेजों और अन्य कुछ संस्थानों में बी.ऑप्टम कोर्स में प्रवेश के लिए CPET (Common Paramedical Entrance Test) परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी (ABVMU) द्वारा आयोजित किया जाता है।
- यूनिवर्सिटी स्तर की प्रवेश परीक्षाएँ: कई प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालय बी.ऑप्टम कोर्स में प्रवेश के लिए स्वयं की परीक्षा आयोजित करते हैं- जैसे SRM University Entrance Exam, LPU NEST, Manipal Entrance Test, KIITEE (KIIT Entrance Exam), Sharda University Admission Test, Bharati Vidyapeeth University Entrance Exam, Integral University Entrance Test, VELS University Entrance Exam और Amity University Admission Test आदि।
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स संस्थान
बी.ऑप्टम कोर्स में प्रवेश लेने के लिए भारत में कई विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और निजी संस्थान उपलब्ध हैं। ये संस्थान छात्रों को ऑप्टोमेट्री के क्षेत्र में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक और क्लीनिकल प्रशिक्षण भी प्रदान करते हैं। नीचे भारत के कुछ प्रसिद्ध संस्थानों की सूची दी जा रही है, जहाँ से आप 2026 में बी.ऑप्टम कोर्स कर सकते हैं।
- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली
- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी
- राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, जयपुर
- पीजीआईएमईआर (PGIMER), चंडीगढ़
- डॉ. एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी, चेन्नई
- आंध्र प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम
- दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
- एल.वी. प्रसाद आई इंस्टीट्यूट, हैदराबाद
- मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन, मणिपाल
- एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई
- लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), पंजाब
- डी.वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पुणे
- गलगोटिया यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा
- जेएसएस मेडिकल कॉलेज, मैसूर
- इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
- ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी, कोलकाता
- तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स आवेदन प्रक्रिया
बी.ऑप्टम कोर्स के लिए आवेदन की प्रक्रिया विभिन्न विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। कुछ संस्थानों में आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होती है, जबकि कुछ कॉलेजों में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किया जाता है। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्रवेश नियमों की जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। नीचे बी.ऑप्टम कोर्स में आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया को आसान और क्रमबद्ध चरणों में बताया गया है।
- संस्थान का चयन: सबसे पहले यह तय करें कि आप बी.ऑप्टम कोर्स के लिए किस संस्थान (सरकारी या निजी) में प्रवेश लेना चाहते हैं।
- ऑनलाइन पंजीकरण करें: चयनित संस्थान या विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ और बी.ऑप्टम प्रवेश के लिए पंजीकरण करें। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक पंजीकरण नंबर प्राप्त होगा, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित नोट कर लें।
- आवेदन पत्र भरें: पंजीकरण संख्या के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करें और आवेदन पत्र खोलें। अब व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक विवरण, संपर्क विवरण, श्रेणी, पता, माता-पिता का विवरण भरें और दस्तावेज अपलोड विकल्प में सभी जरुरी दस्तावेजों को PDF या निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क भुगतान: आवेदन पत्र भरने के बाद आवेदन शुल्क भुगतान करें, जिसकी राशि विभिन्न संस्थानों/विश्वविद्यालयों में अलग-अलग निर्धारित होती है। आवेदन शुल्क भुगतान आप नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या UPI के माध्यम से कर सकते हैं।
- आवेदन पत्र जमा: अब आवेदन शुल्क भुगतान के बाद आवेदन फॉर्म को Submit करें और उसका प्रिंट आउट या PDF कॉपी भविष्य के लिए सेव करके रख लें।
- परीक्षा दें (यदि लागू हो): यदि आपका प्रवेश, प्रवेश परीक्षा आधारित है, तो प्रवेश पत्र जारी होने के बाद निर्धारित तिथि में परीक्षा देने जाएँ।
- परिणाम और काउंसलिंग: मेरिट आधारित उम्मीदवारों के लिए मेरिट सूची होगी और परीक्षा आधारित उम्मीदवारों के लिए परीक्षा परिणाम जारी होगा। इसके बाद आप अपनी रैंक के अनुसार काउसंलिंग प्रक्रिया में भाग ले।
- दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा: काउंसलिंग में चयनित छात्रों को अब संस्थान में जाकर दस्तावेज सत्यापन और कोर्स की फीस जमा करनी होती है। इसके बाद आपका प्रवेश सुनिश्चित हो जाता है और आप नियमित कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं।
मत्वपूर्ण दस्तावेज:
- 10वीं मार्कशीट
- 12वीं मार्कशीट
- आधार कार्ड
- स्थानांतरण प्रमाणपत्र
- निवास प्रमाणपत्र
- जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
- आय प्रमाणपत्र
- चरित्र प्रमाणपत्र
- रैंक कार्ड (यदि लागू हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो

बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स फीस
भारत में बी.ऑप्टम कोर्स की फीस सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अलग-अलग होती है। इस स्नातक कोर्स की फीस राशि संस्थान के प्रकार (सरकारी, निजी या अर्ध-सरकारी), संस्थान की रैंकिंग, शहर और विभिन्न सुविधाओं (छात्रावास, पुस्तकालय, लैब, अध्ययन समाग्री, क्लीनिकल प्रैक्टिस, परीक्षा शुल्क, मेस) पर निर्भर करती है। संस्थान के अनुसार बी.ऑप्टम कोर्स की अनुमानित शुल्क राशि नीचे तालिका में दी गई है।
| संस्थान का प्रकार | अनुमानित वार्षिक फीस | कुल फीस (4 वर्ष) |
| सरकारी विश्वविद्यालय | ₹20,000 – ₹60,000 | ₹1.0 लाख – ₹2.5 लाख |
| अर्ध-सरकारी संस्थान | ₹30,000 – ₹80,000 | ₹1.2 लाख – ₹3.2 लाख |
| निजी कॉलेज | ₹60,000 – ₹2,50,000+ | ₹2.5 लाख – ₹12 लाख+ |
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स करियर विकल्प
बी.ऑप्टम कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद छात्रों के लिए करियर के कई मार्ग खुल जाते हैं। छात्रों के लिए मुख्य रूप से नौकरी, उच्च शिक्षा और स्व-रोजगार के विकल्प उपलब्ध होते हैं। आप अपनी रुचि, कौशल, आर्थिक स्थिति और करियर लक्ष्य के अनुसार किसी एक विकल्प को चुन सकते हैं। यहाँ बी.ऑप्टम कोर्स के बाद उपलब्ध कुछ प्रमुख करियर विकल्पों और कार्य क्षेत्रों की सूची दी गई है।
- लोकप्रिय करियर विकल्प: नेत्र सहायक, दृष्टि देखभाल विशेषज्ञ, कम दृष्टि विशेषज्ञ, चिकित्सा बिक्री प्रतिनिधि, ऑप्टिकल स्टोर प्रबंधक, नैदानिक अनुसंधान सहायक, नेत्र अस्पताल तकनीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ और अनुसंधान सहायक आदि।
- प्रमुख करियर क्षेत्र: सरकारी अस्पताल, रेलवे अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज, ESIC अस्पताल, सरकारी आई केयर सेंटर, मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक, कॉन्टैक्ट लेंस कंपनियाँ, ऑप्टिकल शोरूम, एनजीओ और आई केयर कैंप आदि।
- उच्च शिक्षा के अवसर: मास्टर ऑफ ऑप्टोमेट्री (M.Optom), एमएससी ऑप्टोमेट्री (MSc in Optometry), क्लीनिकल ऑप्टोमेट्री में पीजी डिप्लोमा, बाल चिकित्सा नेत्रमापी में फेलोशिप, हॉस्पिटल मैनेजमेंट में एमबीए और पीएचडी इन ऑप्टोमेट्री आदि।
- स्व-रोजगार के विकल्प: खुद का आई टेस्टिंग क्लीनिक, ऑप्टिकल दुकान, कॉन्टैक्ट लेंस सेंटर, ऑप्टोमेट्री ट्रेनिंग सेंटर, एनजीओ और नेत्र शिविर सेवाएँ आदि।
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बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स वेतन
बी.ऑप्टम कोर्स पूरा करने के बाद सैलरी कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करती है। एक व्यक्ति की सैलरी उसके अनुभव, तकनीकी कौशल, शैक्षणिक ज्ञान, कार्य स्थान (शहर), नौकरी क्षेत्र (सरकारी या निजी) और पद पर निर्भर करती है। आपको स्पष्ट अनुमान देने के लिए नीचे कार्य क्षेत्र अनुसार बी.ऑप्टम के बाद मिलने वाली औसतन वार्षिक सैलरी की जानकारी दी गई है।
| क्षेत्र | औसत वेतन (प्रति वर्ष) |
| सरकारी अस्पताल | ₹2 लाख – ₹5 लाख |
| मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल | ₹4 लाख – ₹12 लाख |
| रिसर्च और शिक्षण क्षेत्र | ₹ 3लाख – ₹8 लाख |
| ऑप्टिकल कंपनियाँ | ₹2 लाख – ₹4 लाख |
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कुछ संबंधित प्रश्न: FAQs
ऑप्टोमेट्री कोर्स क्या होता है?
ऑप्टोमेट्री को बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (बी.ऑप्टम) कहा जाता है। यह एक 4 वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स है, जो आँखों की जाँच, ऑप्टोमेट्रिक सिद्धांतों, दृष्टि समस्याओं के निदान और उपचार करने पर केंद्रित होता है।
क्या ऑप्टोमेट्रिस्ट डॉक्टर बन सकता है?
ऑप्टोमेट्रिस्ट केवल नेत्र चिकित्सक होते हैं, इनका कार्य केवल आँखों की जाँच करना, दृष्टि संबंधी समस्याओं का समाधान करना और आँखों से जुड़े रोगों का निदान करना होता है। आसान शब्दों में कहा जाए, तो ऑप्टोमेट्रिस्ट मेडिकल डॉक्टर नहीं होते हैं।
ऑप्टोमेट्री कोर्स की फीस कितनी होती है?
ऑप्टोमेट्री में बी.ऑप्टम (बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री) कोर्स की फीस सरकारी संस्थानों में बेहद कम होती है, और निजी संस्थानों में ₹50,000 रुपये से लेकर ₹2,00,000 रुपये प्रति वर्ष हो सकती है।
बी.ऑप्टम कोर्स की अवधि कितनी होती है?
बी.ऑप्टम कोर्स की अवधि 4 साल के लिए निर्धारित होती है, जिस दौरान 3 साल की अकादमिक शिक्षा और 1 साल की इंटर्नशिप शामिल होती है।
ऑप्टोमेट्रिस्ट को हिंदी में क्या कहते हैं?
ऑप्टोमेट्रिस्ट को हिंदी में नेत्र नेत्र रोग विशेषज्ञ कहा जाता है। एक ऑप्टोमेट्रिस्ट का कार्य आँखों की जाँच करना, रोगों का निदान और उपचार करना होता है।
निष्कर्ष:
बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री (B.Optom) कोर्स एक बेहतरीन और तेजी से बढ़ता हुआ मेडिकल करियर विकल्प है, जो दृष्टि सुधारने, आंखों की जांच करने और विजन केयर के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करता है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए विशेष रूप से करियर-उन्मुख विकल्प है, जो एमबीबीएस या बीडीएस जैसे कठिन कोर्स किए बिना मेडिकल क्षेत्र में एक सम्मानजनक, सुरक्षित और अच्छी सैलरी वाला करियर बनाना चाहते हैं। ऐसे में B.Optom कोर्स न केवल बेहतर भविष्य और करियर ग्रोथ के अवसर प्रदान करता है, बल्कि समाज में प्रतिष्ठा और स्थिरता भी दिलाने में मदद करता है।
छात्रों, आज इस लेख में हमने बी.ऑप्टम कोर्स से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं- जैसे पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया, फीस, सिलेबस, करियर अवसर और वेतन पर चर्चा की है और हमे आशा है कि आपको इस स्नातक कोर्स के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई होगी। यदि आप भी मेडिकल क्षेत्र में एक बेहतर करियर की तलाश में हैं, तो बी.ऑप्टम कोर्स 2026 में बेहतर विकल्प हो सकता है। धन्यवाद!
