ऑटोमोबाइल उद्योग केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के देशों में तेजी से बढ़ने वाला एक तकनीकी क्षेत्र है। आज के समय में ट्रक, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), कार, बाइक, हाइब्रिड वाहन और स्मार्ट ऑटोमोबाइल सिस्टम की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कई छात्रों का सपना 10वीं के बाद ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा (Diploma in Automobile Engineering) कोर्स की ओर बढ़ रहा है। यह कोर्स उन छात्रों के लिए बेहतर करियर विकल्प है जो कम समय में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग तकनीकी कौशल और अच्छी नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं।
यदि आपको 10वीं के बाद वाहन इंजन, डिजाइन, मरम्मत, नई प्रौद्योगिकियां और यांत्रिक प्रणालियों में रूचि है, तो 2026 में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स आपके लिए एक बेहतर सुरक्षित करियर विकल्प हो सकता है। आज इस ब्लॉग लेख में आप ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा से जुड़े विभिन्न अवधारणाओं से अवगत होने वाले हैं। लेख में आपको जानने को मिलेगा कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स क्या है और इसमें प्रवेश लेने के लिए पात्रता, प्रवेश परीक्षाएँ, बेहतर संस्थान और कोर्स समाप्त करने के बाद करियर के विकल्प क्या हैं।

| कोर्स | ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा |
| अवधि | तीन वर्ष |
| पात्रता | विज्ञान और गणित विषय में 10वीं उत्तीर्ण |
| स्तर | डिप्लोमा |
| प्रवेश प्रक्रिया | मेरिट-योग्यता या प्रवेश परीक्षा |
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा क्या है?
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा एक तीन वर्षीय तकनीकी कोर्स है जो छात्रों को वाहन निर्माण, इंजन प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल यांत्रिकी, विद्युत प्रणाली, विनिर्माण प्रक्रिया और रखरखाव क्षेत्र में व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान देने पर केंद्रित है। इस डिप्लोमा कोर्स के दौरान छात्रों को वाहनों की डिजाइन, मरम्मत, इंजन, सेंसर, नियंत्रण इकाई, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) तकनीकों के बारे में पढ़ाया और सिखाया जाता है।
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा क्यों करें?
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा 2026 में उन छात्रों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प है जो 10वीं के बाद तकनीकी क्षेत्र में जल्दी करियर बनाना चाहते हैं। इस डिप्लोमा को आखिर क्यों चुनना चाहिए इसका कोई एक जवाब नहीं है बल्कि यह छात्रों की रूचि और करियर विकल्प पर निर्भर करता है। यहाँ नीचे कुछ कारणों को स्पष्ट किया जाता है।
- कम समय में तकनीकी योग्यता: ऑटोमोबाइल में तकनीकी ज्ञान के लिए बीटेक/बीई जैसे कोर्स को करने में कुल 4 वर्ष का समय लगता है, लेकिन ऑटोमोबाइल डिप्लोमा केवल 3 वर्ष में समाप्त हो जाता है। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा छात्रों को कम समय में करियर के लिए कौशल प्रदान करता है।
- उद्योग की मांग और करियर अवसर: आज के समय में भारत दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में से एक है। यहाँ खुद की ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ-साथ बाहरी देशों की कंपनपियों के कारण प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा धारकों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण, सेवा, मरम्मत, निर्माण डीलरशिप प्रबंधन में रोजगार के कई अवसर उपलब्ध हैं।
- व्यावहारिक शिक्षा और कौशल विकास: यह डिप्लोमा कोर्स सैद्धांतिक ज्ञान से ज्यादा व्यावहारिक प्रशिक्षण पर ध्यान देता है। छात्रों को कोर्स के दौरान असली इंजन, ट्रांसमिशन, विद्युत प्रणाली और निदान उपकरणों के साथ कार्य करने का अवसर मिलता है, जो उन्हें इंडस्ट्री में कार्य करने के लिए तैयार करता है।
- उद्यमिता के अवसर: ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा केवल नौकरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस कोर्स को करने के बाद छात्रों के लिए उद्यमिता और स्वरोजगार के कई असीम अवसर उपलब्ध हैं। आप अपना खुद का ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, वाहन सर्विस सेंटर, स्पेयर पार्ट्स की दुकान और इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू कर सकते हैं। इन कार्यों को शुरू करने में सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाएं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करती हैं।
- वैश्विक स्तरीय करियर: ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग एक सार्वभौमिक कौशल है और इस क्षेत्र में शैक्षणिक डिग्री पाने के बाद भारत ही नहीं बल्कि चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, जापान, साउथ कोरिया, सिंगापुर, ब्रिटेन और अन्य देशों में भारतीय ऑटोमोबाइल तकनीशियनों और इंजीनियरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
- उच्च शिक्षा के अवसर: ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद बी.टेक/बीई (ऑटोमोबाइल/मैकेनिकल इंजीनियरिंग) में पार्श्व प्रवेश (Lateral Entry) यानी सीधा दूसरे वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं, जो उच्च शिक्षा और करियर के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पात्रता मानदंड
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा में दाखिला लेने के लिए उम्मीदवारों को कुछ मूल शैक्षणिक और आयु संबंधी पात्रताओं को पूरा करना होता है। अधिकांश सरकारी और निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में मानदंड लगभग एक समान होते हैं, लेकिन कुछ राज्यों या संस्थानों में थोड़ा अंतर हो सकता है। संबंधित मानदंड नीचे विस्तार से दिए गए हैं।
शैक्षणिक योग्यता:
- उम्मीदवार किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं (हाई स्कूल) उत्तीर्ण हो।
- 10वीं में गणित (Mathematics) और विज्ञान (Science) विषय होना अनिवार्य है।
- कुछ निजी संस्थान 12वीं (PCM) + आईटीआई (ITI) उत्तीर्ण छात्रों को स्वीकार कर लेते हैं।
न्यूनतम अंक:
- 10वीं में न्यूनतम अंक कम से कम 35-50% होना चाहिए।
- आरक्षित श्रेणी (SC/ST/OBC) के छात्रों को अंकों में छूट प्रदान की जाती है।
आयु सीमा:
- दाखिला लेने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम 14 वर्ष और अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं होती है, लेकिन कुछ राज्यों/संस्थानों में प्रवेश के समय 20-25 वर्ष निर्धारित हो सकती है।
शारीरिक योग्यता:
- आवेदन करने वाला उम्मीदवार शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ्य होना चाहिए कोई गंभीर शारीरिक अक्षमता नहीं होनी चाहिए।
राष्ट्रीयता:
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए। इसके अलावा कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों में एनआरआई/प्रवासी भारतीयों और विदेशी छात्रों के लिए अलग से कुछ सीटें आरक्षित रखी जाती है।
प्रवेश प्रक्रिया:
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश मुख्य दो तरीकों से किया जाता है प्रवेश परीक्षा या मेरिट-योग्यता आधारित। यह प्रक्रिया विभिन्न राज्यों/संस्थानों में अलग हो सकती है।
- मेरिट आधारित प्रवेश: कई निजी पॉलिटेक्निक संस्थान ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश के लिए छात्रों का आकलन 10वीं/12वीं के अंकों के आधार पर करते हैं। आवेदकों को पहले संबंधित राज्य या संस्थान की आधिकारिक पॉलिटेक्निक वेबसाइट में जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के कुछ सप्ताह बाद कई चरणों में मेरिट सूची जारी की जाती है, जिसके बाद चयनित छात्रों को प्राप्त संस्थान में जाकर दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है फिर अंत में सीट उपलब्ध कर दी जाती है।
- प्रवेश परीक्षा के माध्यम से: कई राज्य और निजी विश्वविद्यालय अपने पॉलिटेक्निक संस्थानों में डिप्लोमा में दाखिला लेने के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। इन परीक्षाओं का उद्देश्य ऐसे छात्रों का आकलन करना होता है जो डिप्लोमा कोर्स करने के लिए पूरी तरह गुण-संपन्न हो। आवेदकों को पहले पॉलिटेक्निक की आधिकारिक वेबसाइट (JEECUP, TS POLYCET, JEXPO, CET Delhi, PECE) में जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के कुछ दिनों बाद प्रवेश पत्र जारी होता है जिसे लेकर परीक्षा केंद्र जाएँ और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करें। प्रवेश परीक्षा के बाद परीक्षा परिणाम जारी किया जाता है, उसके बाद काउंसलिंग, मेरिट-सूची, दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करने की प्रक्रिया होती है।
महत्वपूर्ण कौशल:
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा में दाखिला लेने के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ बुनियादी तकनीकी और सॉफ्ट कौशलों का ज्ञान होना भी अनिवार्य है। यहाँ कुछ आवश्यक कौशलों की सूची दी गई है।
- यांत्रिक समझ
- मैकेनिकल और तकनीकी समझ
- समस्या समाधान क्षमता
- बुनियादी कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर ज्ञान
- समय प्रबंधन और अनुशासन
- शारीरिक सहनशक्ति
- विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक्स की मूल बातें
- नई तकनीक सीखने की इच्छा
- विश्लेषणात्मक सोच
- संचार कौशल
- तकनीकी आरेखण और डिजाइन

ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा सिलेबस
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स का सिलेबस राज्यों/संस्थानों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है क्योंकि छात्रों को बुनियादी इंजीनियरिंग से लेकर उच्च इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम विषयों को पढ़ाया जाता है। इस डिप्लोमा का सिलेबस सैद्धांतिक विषयों, प्रयोगशाला कार्य, कार्यशाला प्रशिक्षण और औद्योगिक प्रशिक्षण का संतुलित मिश्रण होता है।
- प्रथम वर्ष (First Year): इंजीनियरिंग गणित-I, इंजीनियरिंग रसायन विज्ञान, इंजीनियरिंग भौतिकी, तकनीकी संचार, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, इंजीनियरिंग यांत्रिकी, इंजीनियरिंग गणित-II, सामग्री विज्ञान और धातु विज्ञान, विद्युत अभियांत्रिकी के मूल सिद्धांत, पर्यावरण विज्ञान, कंप्यूटर एप्लीकेशन की मूल बातें और अनुप्रयुक्त यांत्रिकी आदि।
- द्वितीय वर्ष (Second Year): ऑटोमोबाइल इंजन-I, विनिर्माण प्रक्रियाएँ, थर्मल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रिकल सिस्टम, हाइड्रोलिक्स और न्यूमेटिक्स, वाहन रखरखाव, ऑटोमोबाइल चेसिस, मोटर वाहन सामग्री, ऑटोमोबाइल इंजन-II, ऑटोमोबाइल ट्रांसमिशन सिस्टम, ऑटोमोबाइल ड्राइंग और डिजाइन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स प्रैक्टिकल और हाइड्रोलिक्स और न्यूमैटिक्स प्रयोगशाला आदि।
- तृतीय वर्ष (Third Year): वैकल्पिक विषय (ऑटोमोबाइल एयर कंडीशनिंग, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहन प्रौद्योगिकी, ऑटोमोटिव सुरक्षा प्रणाली), ऑटोमोबाइल गुणवत्ता नियंत्रण और परीक्षण, ऑटोमोबाइल डायग्नोस्टिक्स प्रयोगशाला, औद्योगिक प्रशिक्षण, ऑटोमोबाइल साइबर सुरक्षा, ऑटोमोबाइल उद्योग में प्रबंधन, ऑटोमोबाइल सर्विसिंग और मरम्मत, मरम्मत और रखरखाव पद्धतियाँ, परियोजना कार्य और अंतिम परियोजना आदि।
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्रवेश परीक्षाएँ
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और अन्य इंजीनियरिंग डिप्लोमा प्रोग्रामों में प्रवेश के लिए कई राज्य और विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाएँ आयोजित करते हैं। 2026 में आवेदन करने वाले आवेदकों के लिए नीचे भारत की सबसे प्रमुख डिप्लोमा प्रवेश परीक्षाएँ दी गई हैं।
- JEECUP: उत्तर प्रदेश राज्य के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा में दाखिला लेने के लिए छात्रों को पहले Joint Entrance Examination Council, Uttar Pradesh परीक्षा में भाग लेना पड़ता है। इस परीक्षा को उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा आयोजित किया जाता है, जो ऑनलाइन (CBT) आधारित होती है।
- BCECEB: ऐसे छात्र जो बिहार राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने चाहते हैं, उन्हें Bihar Combined Entrance Competitive Examination Board परीक्षा के लिए आवेदन करना होता है। इस परीक्षा को बिहार राज्य सरकार आयोजित करती है, जो कि ऑफलाइन आधारित होती है।
- JEXPO: पश्चिम बंगाल राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभिन्न इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश के लिए इस परीक्षा को आयोजित किया जाता है। पश्चिम बंगाल में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश के लिए छात्रों को Joint Entrance Examination for Polytechnics प्रवेश परीक्षा में भाग लेना होगा।
- UBTER JEEP: उत्तराखंड राज्य में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के लिए Uttarakhand Joint Engineering Examination Polytechnic परीक्षा आयोजित की जाती है।
- MP PPT: मध्य प्रदेश राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और अन्य डिप्लोमा कोर्सों में दाखिला लेने के लिए मध्य प्रदेश सरकार Madhya Pradesh Pre-Polytechnic Test परीक्षा आयोजित करती है।
- अन्य राजकीय परीक्षाएँ: इन राज्यों के अलावा कुछ अन्य राज्य भी परीक्षाएँ आयोजित करते हैं जैसे आंध्र प्रदेश (AP POLYCET), तेलंगाना (TS POLYCET) और छत्तीसगढ़ (CG PPT) आदि।
- निजी प्रवेश परीक्षाएँ: AMU Polytechnic Entrance Exam, Jamia Polytechnic Entrance Test, SLIET Entrance Exam, Lovely Professional University, Chandigarh University Diploma Test, Galgotias University Diploma Test, Integral University Diploma Test और Jain University Diploma Test आदि।
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा संस्थान
2026 में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के लिए भारत में कई प्रतिष्ठित सरकारी और निजी पॉलिटेक्निक उपलब्ध हैं। नीचे कुछ ऐसे संस्थानों की सूची दी गई है जो बेहतर व्यावहारिक ज्ञान देने, रैंकिंग और अन्य सुविधाओं के लिए प्रचलित हैं।
टॉप सरकारी संस्थान:
- सरकारी पॉलिटेक्निक, लखनऊ
- सरकारी पॉलिटेक्निक, दिल्ली
- सरकारी पॉलिटेक्निक,मुंबई
- सरकारी पॉलिटेक्निक, वाराणसी
- सरकारी पॉलिटेक्निक, पुणे
- सरकारी पॉलिटेक्निक, पटना
- सरकारी पॉलिटेक्निक, कानपुर
- सरकारी पॉलिटेक्निक, जयपुर
- सरकारी पॉलिटेक्निक, कोलकाता
- सरकारी पॉलिटेक्निक, बेंगलुरु
- सरकारी पॉलिटेक्निक, चेन्नई
- सरकारी पॉलिटेक्निक, रांची
- सरकारी पॉलिटेक्निक, रायपुर
- सरकारी पॉलिटेक्निक, इंदौर
टॉप निजी संस्थान:
- लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा
- शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा
- जैन यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु
- नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा
- एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई
- गलगोटियास यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली
- पारुल यूनिवर्सिटी, वडोदरा
- जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा
- इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
- आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, भोपाल
- भगवान महावीर पॉलिटेक्निक, सोनीपत

ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा आवेदन प्रक्रिया
विभिन्न राज्यों और निजी संस्थानों में आवेदन की प्रक्रिया थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन यदि आप सही चरणों का पालन करें तो ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल और जटिल है। यहाँ पर सभी बुनियादी चरण दिए गए हैं जिसके माध्यम से आप खुद आवेदन कर सकते हैं।
- सूचना एकत्रित करें: सबसे पहले यह तय करें कि आप सरकारी या निजी किस प्रकार के संस्थान में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में दाखिला लेना चाहते हैं। अब अपने राज्य के तकनीकी शिक्षा बोर्ड/पॉलिटेक्निक बोर्ड या उस संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट खोलें जिसे आपने चुना है। वेबसाइट में प्रवेश अधिसूचना, पात्रता और आवेदन की अंतिम तिथि की जाँच करें।
- पंजीकरण: संबंधित वेबसाइट पर जाएं और “नया पंजीकरण” या “आवेदन करें” पर क्लिक करें। अब अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और एक पासवर्ड भरें और पंजीकरण करें।
- आवेदन पत्र भरना: ईमेल आईडी या पंजीकरण संख्या और पासवर्ड की सहायता से लॉगिन करें। अब व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक विवरण, सम्पर्क जानकारी, श्रेणी (सामान्य/आरक्षित), राष्ट्रीयता, आयु और अन्य जानकारी भरें। अपनी पसंद का संस्थान और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग चुनें (केवल मेरिट आधारित छात्रों के लिए)।
- दस्तावेज अपलोड: अब सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी JPG/PDF प्रारूप में अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क का भुगतान: सभी राज्यों/संस्थानों में डिप्लोमा आवेदन की शुल्क राशि अलग-अलग निर्धारित होती है। आवेदन शुल्क राशि ₹300-₹1000 तक हो सकती है जिसे आप नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, UPI के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं।
- आवेदन पत्र जमा करना और प्रिंटआउट: अब सभी विवरणों की एक बार अच्छे से जाँच कर लें और आवेदन पत्र जमा कर दें। भविष्य के संदर्भ के लिए के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट ले लें।
- प्रवेश परीक्षा/काउंसलिंग: यदि प्रवेश परीक्षा लागू हो तो प्रवेश पत्र आने के बाद निर्धारित तिथि में परीक्षा केंद्र जाएँ और बेहतर अंक प्राप्त करने की कोशिश करें। परीक्षा परिणाम या मेरिट सूची आने के बाद प्रक्रिया में भाग लें। काउंसलिंग केवल प्रवेश परीक्षा आधारित आवेदकों के लिए होती है जिसमे पसंदीदा संस्थान और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिग चुनना होता है।
- मेरिट सूची देखें: मेरिट योग्यता और प्रवेश परीक्षा आधारित सभी आवेदक मेरिट सूची में अपने परिणाम की पुष्टि करें।
- दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा: सीट आवंटित होने के बाद प्राप्त संस्थान में जाकर मूल दस्तावेजों की सत्यापन जाँच और फीस जमा करके प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें।
आवश्यक दस्तावेज:
- 10वीं कक्षा की मार्कशीट
- आधार कार्ड
- जन्म प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- आय प्रमाण पत्र (फीस छूट के लिए)
- परीक्षा परिणाम स्कोर कार्ड
- फोटो और हस्ताक्षर
- चरित्र प्रमाण पत्र
- स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
- ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC)
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा फीस
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स की फीस संस्थान के प्रकार, राज्य और विभिन्न सुविधाओं (पुस्तकालय शुल्क, छात्रावास शुल्क, ट्यूशन शुल्क, मेस शुल्क, प्रयोगशाला शुल्क, विकास शुल्क, परीक्षा शुल्क, अध्ययन सामग्री शुल्क) पर निर्भर करती है। नीचे बनी तालिका में हमने सरकारी और निजी संस्थानों के संदर्भ में अनुमानित शुल्क राशि बताई है।
| संस्थान प्रकार | अनुमानित वार्षिक फीस | कुल फीस |
| सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थान | ₹20,000 – ₹30,000 | ₹60,000 – ₹90,000 |
| अर्धसरकारी संस्थान | ₹30,000 – ₹50,000 | ₹90,000 – ₹1,50,000 |
| निजी संस्थान | ₹60,000 – ₹80,000 | ₹1,20,000 – ₹2,50,000 |
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करियर विकल्प
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद छात्रों के लिए सरकारी, निजी और उद्यमिता तीनों क्षेत्रों में अनेकों करियर अवसर उपलब्ध होते हैं। नीचे कुछ प्रमुख करियर अवसर दिए गए हैं।
- ऑटोमोबाइल टेक्नीशियन
- गुणवत्ता नियंत्रण इंजीनियर
- उत्पादन पर्यवेक्षक
- रखरखाव अभियान्ता
- सर्विस इंजीनियर
- बिक्री एवं बिक्री पश्चात सेवा कार्यकारी
- जूनियर इंजीनियर (JE)
- कार्यशाला पर्यवेक्षक
- तकनीकी सहायक
करियर क्षेत्र:
- राज्य परिवहन विभाग
- नगर परिवहन इकाई
- ऑटोमोबाइल विनिर्माण कंपनियाँ
- सर्विस सेंटर और वर्कशॉप
- ऑटोमोबाइल स्पेयर-पार्ट्स उद्योग
- ऑटोमोबाइल पत्रकारिता और मीडिया
- शिक्षण
- स्वरोजगार (खुद का सर्विस सेंटर, स्पेयर पार्ट्स की दुकान, खुद का गैराज)
- रेलवे (जूनियर इंजीनियर- JE, लोको पायलट)
- रक्षा क्षेत्र
- BHEL, SAIL, NTPC, ONGC
उच्च शिक्षा के अवसर:
- B.Tech / BE (Automobile / Mechanical Engineering) (लेटरल एंट्री)
- Electric Vehicle (EV) and Hybrid Technology Course
- Automobile Electronics and Diagnostic Course
- Management and Industrial Courses
संबंधित लेख: मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा क्या होता है और कैसे करें?
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा सैलरी
किसी ऑटोमोबाइल इंजीनियर की सैलरी उसके कार्य, क्षेत्र, अनुभव, कौशल, नियोक्ता और स्थान पर निर्भर करती है। यहाँ हमने ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के बाद मिलने वाली अनुमानित वार्षिक सैलरी बताई है।
| पद | फ्रेशर (₹/वर्ष) |
| ऑटोमोबाइल टेक्नीशियन | ₹1.5 – 2.5 लाख |
| उत्पादन पर्यवेक्षक | ₹2.0 – 3.0 लाख |
| कार्यशाला पर्यवेक्षक | ₹2.0 – 3.5 लाख |
| मेंटेनेंस इंजीनियर | ₹2.0 – 2.5 लाख |
| सर्विस इंजीनियर | ₹2.0 – 3.0 लाख |
| निदान तकनीशियन | ₹2.5 – 4.0 लाख |
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कुछ संबंधित प्रश्न: FAQs
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स क्या है?
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा एक तीन वर्ष का तकनीकी कोर्स है जो वाहनों की डिजाइन, मरम्मत, मैकेनिकल कौशलों, वाहन इंजन और उनके रखरखाव पर केंद्रित होता है।
डिप्लोमा ऑटोमोबाइल इंजीनियर का क्या काम होता है?
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद व्यक्ति जूनियर इंजीनियर (JE) बनता है। एक ऑटोमोबाइल डिप्लोमा इंजीनियर का कार्य ऑटोमोबाइल और उनके विभिन्न घटकों को डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और मरम्मत का कार्य करता है।
ऑटोमोबाइल डिप्लोमा कोर्स कितने साल का होता है?
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा तीन वर्ष का तकनीकी प्रोग्राम होता है जो 6 सेमेस्टरों में विभाजित होता है।
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा के लिए पात्रता क्या है?
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से गणित और विज्ञान विषय में 10वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा की फीस कितनी होती है?
सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में ऑटोमोबाइल डिप्लोमा की फीस ₹10,000 – ₹30,000 प्रति वर्ष, जबकि निजी संस्थानों में ₹20,000 – ₹1,50,000 प्रति वर्ष तक हो सकती है।
क्या ऑटोमोबाइल डिप्लोमा के बाद सरकारी नौकरी मिल सकती है?
जी हाँ, राज्य परिवहन विभाग, रेलवे, रक्षा क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में तकनीकी पदों पर रोजगार के अवसर मिलते हैं।
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करना 2026 में सही है या नहीं?
यदि आपकी रूचि ऑटोमोबाइल और EV क्षेत्रों की ग्रोथ को देखते हुए तकनीकी कोर्स में है तो यह डिप्लोमा करियर-उन्मुख और सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर विकल्प है।
निष्कर्ष:
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा उन छात्रों के लिए एक व्यावहारिक, किफायती और करियर-उन्मुख विकल्प है, जो 10वीं के बाद तकनीकी क्षेत्र में जल्दी करियर अवसर प्राप्त करना चाहते हैं। इस डिप्लोमा के दौरान छात्रों को वाहन तकनीक, इंजन सिस्टम, मेंटेनेंस, उत्पादन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) जैसी आधुनिक तकनीकों का मजबूत सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान मिलता है। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा करने के बाद सरकारी और निजी दोनों ही क्षेत्रों में करियर के बेहतर अवसर मिलने की संभावना हो सकती है।
यदि आप तकनीकी क्षेत्र में स्थिर नौकरी या अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो 2026 में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा आपके लिए एक सही और भरोसेमंद करियर निर्णय साबित हो सकता है। बाकी आज इस लेख में हमने इस शानदार डिप्लोमा कोर्स के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। अगर इस लेख या कोर्स से संबंधित कोई समस्या हो तो कमेंट से माध्यम से हमसे सम्पर्क कर सकते हैं। धन्यवाद!
