आज के तेज-तर्रार और तनावपूर्ण जीवन में लोग ऐसी चिकित्सा पद्धति की तलाश में हैं, जो बीमारियों का प्राकृतिक, सुरक्षित और दीर्घकालिक समाधान प्रदान कर सके। आयुर्वेद जो भारत की प्राचीन और वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली है, न केवल भारत में बल्कि दुनिया पर भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे में आयुर्वेद चिकित्सा क्षेत्र में करियर के लिए BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स शानदार और भविष्य उन्मुख विकल्प हो सकता है, जो छात्रों को आयुर्वेद चिकित्सा के प्राचीन सिद्धांतों के साथ-साथ आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की भी गहरी समझ प्रदान करता है।
यह शानदार स्नातक कोर्स न केवल चिकित्सा क्षेत्र में करियर के अवसर प्रदान करता है, बल्कि समाज सेवा और प्राकृतिक उपचार के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी प्रदान करता है। यदि आप ऐसे छात्र है, जो आयुर्वेद चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर करियर उपलब्धि प्राप्त करने के लिए 2026 में 12वीं (विज्ञान वर्ग) कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद बीएएमएस कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं, लेकिन इस स्नातक कोर्स से संबंधित जानकारी नहीं है तो यह लेख आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इस लेख में हम बीएएमएस कोर्स से जुड़े प्रमुख पालुओं- जैसे पात्रता, प्रवेश प्रक्रिया, फीस, पाठ्यक्रम, शीर्ष संस्थान, करियर के विकल्प और संभावित वेतन की जानकारी देने वाले हैं।

| कोर्स का नाम | बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी- BAMS |
| पात्रता | 12वीं उत्तीर्ण (विज्ञान वर्ग) |
| अवधि | 5.5 वर्ष (4.5 वर्ष अकादमिक शिक्षा + 1 वर्ष इंटर्नशिप) |
| स्तर | चिकित्सा स्नातक डिग्री |
| प्रवेश प्रक्रिया | NEET-UG परीक्षा या मेरिट-योग्यता |
| करियर विकल्प | सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में |
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स क्या है?
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) एक स्नातक स्तर का चिकित्सा संबंधित डिग्री प्रोग्राम है, जो मुख्य रूप से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पर केंद्रित है। इस स्नातक प्रोग्राम की कुल अवधि 5.5 वर्ष की होती है, जिसमें 4.5 वर्ष की सैद्धांतिक और व्यावहारिक शिक्षा तथा 1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है। यह डिग्री प्रोग्राम उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है, जो प्राकृतिक उपचार प्रणाली के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
बीएएमएस कोर्स के दौरान छात्रों को आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों, रोग निदान, पंचकर्म, औषध निर्माण, जड़ी-बूटी चिकित्सा, शरीर रचना , शरीर क्रिया विज्ञान और उपचार पद्धतियों का गहन अध्ययन कराया जाता है। इसके अलावा इंटर्नशिप अवधि में छात्रों को अस्पतालों और आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है, जहाँ वे विभिन्न विभागों में कार्य करते हुए रोगियों के उपचार की वास्तविक प्रक्रिया को समझते हैं।
बीएएमएस कोर्स क्यों करें?
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए उपयुक्त है, जो चिकित्सा क्षेत्र में न केवल एलोपैथिक पद्धति तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि प्राकृतिक और पारंपरिक उपचार प्रणाली के माध्यम से समाज की सेवा करना चाहते हैं। इस कोर्स को चुनने का कोई एक मुख्य कारण नहीं है, बल्कि छात्र अपनी रुचि, करियर लक्ष्य, भविष्य की संभावनाओं, सामाजिक योगदान की भावना और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस प्रतिष्ठित स्नातक प्रोग्राम का चयन करते हैं। यदि बात की जाए कि बीएएमएस कोर्स क्यों किया जाए, तो इसके पीछे कई ठोस कारण मौजूद हैं। नीचे बीएएमएस कोर्स करने के कुछ प्रमुख कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई है।
- आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने का अवसर: ऐसे छात्र जो आयुर्वेदिक चिकित्सक बनकर प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों की सेवा करना चाहते हैं, उनके लिए BAMS एक शानदार विकल्प हो सकता है। आयुर्वेद सिर्फ लक्षणों का इलाज नहीं करता, बल्कि बीमारी के मूल कारण को ढूंढ़कर उसे जड़ से खत्म करने पर जोर देता है।
- बढ़ती मांग और वैश्विक पहचान: भारत को आयुर्वेदिक का जन्मस्थान माना जाता है, इसी कारण आज न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर भी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धतियों की माँग तेजी से बढ़ रही है। आज के समय में योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है, इस बढ़ोतरी के कारण आयुर्वेदिक चिकित्सकों की जरूरतों में भी वृद्धि हो रही है।
- करियर के विविध विकल्प: बीएएमएस कोर्स करने के बाद सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में कई शानदार करियर के विकल्प उपलब्ध हैं। इस डिग्री को प्राप्त करने के बाद आप केवल डॉक्टर ही नहीं कहलाते हैं, बल्कि शोधकर्ता, शिक्षक, फार्मासिस्ट, स्वास्थ्य सलाहकार या उद्यमिता के रूप में करियर बना सकते हैं।
- उच्च शिक्षा के अवसर: BAMS में विशेषज्ञता प्राप्त करने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में उच्च स्तर पर करियर की प्राप्ति के लिए उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। आप MD (आयुर्वेद), MS (आयुर्वेद), MPH या MBA जैसे कोर्स करके अपने करियर को उच्च स्तर पर ले जा सकते हैं और विशिष्ट क्षेत्रों में विशेषज्ञ बन सकते हैं।
- कम फीस में बेहतर चिकित्सा डिग्री: जहाँ एएमबीबीएस जैसे कोर्स में प्रवेश और अध्ययन की लागत काफी ज्यादा होती है, वहीं बीएएमएस अपेक्षाकृत कम शुल्क वाला चिकित्सा कोर्स है। विशेष रूप से सरकारी संस्थानों में इसकी फीस काफी किफायती होती है, जिससे यह कई छात्रों के लिए एक सुलभ विकल्प बन जाता है।
- उद्यमिता के अवसर: बीएएमएस न केवल नौकरी के लिए प्रेरित करता है, बल्कि आप इस डिग्री को प्राप्त करने के बाद खुद का आयुर्वेदिक क्लिनिक, पंचकर्म केंद्र, हर्बल मेडिसिन स्टोर या आयुर्वेदिक उत्पाद निर्माण जैसे व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं।
बीएएमएस कोर्स पात्रता मानदंड
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स में प्रवेश लेने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं और पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होता है। यह एक चिकित्सा संबंधित स्नातक डिग्री प्रोग्राम है, इसलिए प्रवेश प्रक्रिया में पात्रता मानदंडों का विशेष महत्व होता है। लगभग सभी सरकारी और निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों में बीएएमएस कोर्स के लिए पात्रता शर्तें समान होती हैं, हालाँकि कुछ संस्थानों में अंकों या आयु सीमा में थोड़ा अंतर हो सकता है। नीचे बीएएमएस कोर्स में प्रवेश के लिए निर्धारित सभी आवश्यक पात्रता मानदंडों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
शैक्षणिक योग्यता:
- बीएएमएस कोर्स में प्रवेश लेने के लिए उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 (12वीं) या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
- 12वीं कक्षा में भौतिकी (Physics), रसायन (Chemistry) और जीव विज्ञान (Biology) विषयों का होना आवश्यक है।
न्यूनतम अंक:
- उम्मीदवार के 12वीं में कम से कम 50% अंक होना अनिवार्य है।
- आरक्षित वर्ग (अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)) के उम्मीदवारों को संस्थान और सरकारी नियमों के अनुसार अंकों में छूट प्रदान की जाती है।
आयु सीमा:
- उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए, हालाँकि अधिकतम आयु कम से कम 25 वर्ष तक निर्धारित हो सकती है।
नागरिकता:
- बीएएमएस कोर्स में प्रवेश लेने के लिए उम्मीदवार भारतीय नागरित होना चाहिए, हालाँकि कुछ प्रतिष्ठित संस्थानों में एनआरआई, ओसीआई, पीआईओ और विदेशी छात्रों के लिए अलग से सीट कोटा एवं प्रवेश प्रक्रिया होती है।
आवश्यक कौशल:
एक सफल आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि कुछ विशेष कौशलों का होना भी बेहद जरूरी है। नीचे BAMS के लिए कुछ बुनियादी कौशल दिए गए हैं।
- रोगी से संवाद कौशल
- वैज्ञानिक सोच और विश्लेषण क्षमता
- अनुसंधान क्षमता
- आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों में रुचि
- व्यावसायिक समझ
- निर्णय लेने की क्षमता
- धैर्य और सहानुभूति
- समय प्रबंधन
- समस्या समाधान क्षमता
- नया सीखने की इच्छा होना
- संचार कौशल
- नैदानिक कौशल
- संस्कृत भाषा की बुनियादी समझ
प्रवेश प्रक्रिया:
बीएएमएस स्नातक प्रोग्राम में प्रवेश दो तरीकों से होता है सीधा दाखिला (मेरिट-योग्यता) या प्रवेश परीक्षा आधारित। संस्थान के प्रकार और सरकारी नियमों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सामान्यतः ये दोनों तरीके सबसे अधिक प्रचलित हैं।
- प्रवेश परीक्षा आधारित दाखिला: कई प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक कॉलेज बीएएमएस कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा के माध्यम को अपनाते हैं। इस कोर्स में प्रवेश के लिए मुख्य रूप से NEET-UG परीक्षा आयोजित की जाती है। उम्मीदवारों को सबसे पहले NEET-UG की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के कुछ दिनों बाद प्रवेश पत्र जारी किया जाता है, जिसे लेकर निर्धारित तिथि में प्रवेश परीक्षा में शामिल होना चाहिए। उसके बाद परीक्षा परिणाम घोषित और काउंसलिंग प्रक्रिया होती है। काउंसलिंग के दौरान रैंक के आधार पर संस्थान एवं कोर्स का चयन किया जाता है, जिसमे चयनित छात्रों को संस्थान में बुलाकर दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करके सीट आवंटित कर दी जाती है।
- मेरिट आधारित या सीधा दाखिला: कई निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और संस्थान बीएएमएस कोर्स में प्रवेश के लिए छात्रों का चयन 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर प्रदान करते हैं। इस प्रक्रिया में उम्मीदवार को संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या सीधे कॉलेज में जाकर आवेदन करना होता है। आवेदन की समीक्षा के बाद मेरिट सूची जारी की जाती है, जिसमे चयनित छात्रों को निर्धारित तिथि पर संस्थान में उपस्थित होकर दस्तावेज सत्यापन और कोर्स की फीस जमा करनी होती है। उसके बाद सभी औपचारिकताएँ पूर्ण होने के बाद प्रवेश की पुष्टि कर दी जाती है।
बीएएमएस कोर्स पाठ्यक्रम
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स का पाठ्यक्रम विभिन्न विश्वविद्यालयों और आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में थोड़ा भिन्न हो सकता है, हालाँकि यह अंतर केवल विषयों के क्रम और आंतरिक संरचना में होती है। सभी कोर विषय लगभग प्रत्येक संस्थान में समान ही होते हैं। बीएएमएस कोर्स की कुल अवधि 5.5 वर्ष होती है, जिसमें 4.5 वर्ष की अकादमिक पढ़ाई और 1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है, इसीलिए इस अकादमिक अध्ययन को प्रोफेशनल वर्ष में विभाजित किया जाता है। नीचे बीएएमएस का संपूर्ण पाठ्यक्रम सेमेस्टर क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है।
- प्रथम वर्ष (सेमेस्टर 1 & 2): संस्कृत एवं आयुर्वेद का इतिहास, आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धांत, क्रिया शरीर (मानव शरीर क्रिया विज्ञान),आयुर्वेदिक औषध विज्ञान, रचना शरीर, मौलिक सिद्धांत एवं अष्टांग हृदय और संहिता अध्ययन।
- द्वितीय वर्ष (सेमेस्टर 3 & 4): ईएनटी, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, औषध, रोग निदान, द्रव्यगुण विज्ञान, रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, चरक संहिता (पूर्वार्द्ध) और अगद तंत्र।
- तृतीय वर्ष (सेमेस्टर 5 & 6): शल्य चिकित्सा का सिद्धांत, त्वचा, शालाक्य तंत्र (नेत्र, कर्ण, नासिका, कंठ रोग), कायचिकित्सा, स्वस्थवृत्त एवं योग, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग, कौमारभृत्य परिचय और सामाजिक चिकित्सा।
- चतुर्थ वर्ष (सेमेस्टर 7 & 8): आंतरिक चिकित्सा, शोध पद्धति एवं चिकित्सा सांख्यिकी, पंचकर्म, अनुसंधान पद्धति, चिकित्सा विज्ञान, समुदाय चिकित्सा और कार्यशाला अभ्यास।
- इंटर्नशिप (Internship): मरीज का इतिहास लेना, पंचकर्म प्रक्रियाओं में सहयोग, शुरुआती जाँच व रिपोर्ट समझना, चिकित्सकीय योजना बनाना और स्वास्थ्य जागरूकता शिविरों में भागीदारी।
- विशेषज्ञता: शरीर क्रिया, अगाद तंत्र, शल्य तंत्र, स्वस्थ वृत्त, शरीर रचना, प्रसूति और स्त्री रोग, रोग और विकृति विज्ञान, शालक्य तंत्र, कौमारा भृत्य और कायाचिकित्सा।

बीएएमएस कोर्स शीर्ष संस्थान
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स में प्रवेश लेने के कई सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज एवं आयुर्वेदिक संस्थान उपलब्ध हैं। संस्थान चुनते समय मान्यता (CCIM/NCISM), इंटर्नशिप सुविधा, अस्पताल संलग्नता, फैकल्टी गुणवत्ता और प्लेसमेंट रिकॉर्ड जैसे पहलुओं का ध्यान रखना आवश्यक है। यहाँ नीचे कुछ शीर्ष संस्थानों की सूची दी जा रही है, जो उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए प्रचलित हैं।
- आयुर्विज्ञान संस्थान, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
- गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जामनगर
- राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय, लखनऊ
- चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान, नई दिल्ली
- शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, नागपुर
- राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर
- डॉ. बी.आर.के.आर. सरकारी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, हैदराबाद
- अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), दिल्ली
- राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय, पटियाला
- राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, गुवाहाटी
- श्रीकृष्ण राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, कुरुक्षेत्र
- बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, झांसी
- आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज, नई दिल्ली
- राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, तिरुवनंतपुरम
- श्री श्री आयुर्वेद विज्ञान एवं अनुसंधान महाविद्यालय, बेंगलुरु
- भारती विद्यापीठ आयुर्वेद महाविद्यालय, पुणे
- जेएसएस आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय, मैसूर
- सरदार पटेल आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय, लखनऊ
- श्री धन्वंतरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय, चंडीगढ़
- डॉ. डी. वाई. पाटिल आयुर्वेद महाविद्यालय, पुणे
- हिमालयी आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय, देहरादून
- तिलक आयुर्वेद महाविद्यालय, पुणे
- रामा आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय, कानपुर
- दयानंद आयुर्वेद महाविद्यालय, जालंधर
बीएएमएस कोर्स प्रवेश परीक्षाएँ
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स में प्रवेश के लिए भारत में मुख्य रूप से NEET-UG (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट – अंडरग्रेजुएट) प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य ऐसे योग्य और प्रतिभाशाली छात्रों का चयन करना होता है, जो आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र में अध्ययन करने के लिए सक्षम हों। कुछ राज्यों में NEET-UG के प्राप्त अंकों के आधार पर राज्य स्तरीय मेरिट काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से बीएएमएस कोर्स में सीधा प्रवेश दिया जाता है। नीचे बीएएमएस कोर्स में प्रवेश के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षा का वर्णन किया गया है।
- NEET-UG Entrance Exam: NEET-UG (National Eligibility cum Entrance Test – Undergraduate) भारत की राष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा प्रवेश परीक्षा है। इस परीक्षा को National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित किया जाता है। इस परीक्षा के माध्यम से सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों तथा आयुर्वेद संस्थानों में MBBS, BDS, BAMS, BHMS, BUMS और अन्य आयुष व मेडिकल प्रोग्रामों में प्रवेश दिया जाता है।
- ऑल इंडिया कोटा (AIQ) काउंसलिंग: NEET परीक्षा में सफल होने के बाद उम्मीदवारों के लिए 15% सीटें ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के अंतर्गत भरी जाती हैं। यह काउंसलिंग केंद्रीय स्तर पर आयोजित की जाती है, जिसकी काउंसलिंग का संचालन Ayush Admissions Central Counseling Committee (AACCC) द्वारा किया जाता है, जो आयुष मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- राज्य स्तरीय काउंसलिंग: बीएएमएस में प्रवेश के लिए 85% सीटें राज्य कोटा के अंतर्गत आरक्षित होती हैं। इन सीटों पर प्रवेश राज्य के आयुष विभाग या चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित काउंसलिंग के माध्यम से दिया जाता है। उम्मीदवारों को पहले अपने राज्य की आधिकारिक काउंसलिंग वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होता है और फिर NEET रैंक के आधार पर कॉलेज का चयन कर सकते हैं।
बीएएमएस कोर्स आवेदन प्रक्रिया
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया नीट-यूजी प्रवेश परीक्षा + काउंसलिंग प्रक्रिया पर निर्भर होती है। इस आयुर्वेदिक स्नातक कोर्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले NEET-UG परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होता है, जिसकी प्रक्रिया बहुत सरल और जटिल है। नीचे 2026 में बीएएमएस कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप विस्तार से दी गई है।
- पात्रता की जाँच: सबसे पहले NEET-UG की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर बीएएमएस कोर्स के लिए सभी आवश्यक पात्रता मानदंडों ((शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, न्यूनतम अंक) की ध्यानपूर्वक समीक्षा करें।
- सूचना एकत्र करें: NEET-UG परीक्षा सामान्यतः वर्ष में एक बार मई–जून माह में आयोजित की जाती है। इसलिए समय-समय पर आवेदन तिथि, परीक्षा तिथि, प्रवेश पत्र और परिणाम से संबंधित नवीनतम सूचना की नियमित रूप से जाँच करते रहें, ताकि कोई महत्वपूर्ण अपडेट छूट न जाए।
- NEET-UG परीक्षा के लिए पंजीकरण: NEET-UG की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण करें। पंजीकरण होने के बाद एक पंजीकरण खाता संख्या और पासवर्ड प्राप्त होगा, जिसे भविष्य में लॉगिन और काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखें।
- आवेदन पत्र भरें: पंजीकरण आईडी और पासवर्ड के माध्यम से आवेदन पत्र खोलें। अब इसमें व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा केंद्र वरीयता, माता-पिता का विवरण, पता, संपर्क जानकारी, राष्ट्रीयता आदि सावधानीपूर्वक भरें। साथ ही दस्तावेज अपलोड खंड में निर्धारित फॉर्मेट और साइज में आवश्यक दस्तावेज (फोटो, हस्ताक्षर, पहचान आईडी) स्कैन करके अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क भुगतान: एक बार पूरे आवेदन पत्र की समीक्षा कर लें और अंतिम जमा (Submit) कर दें। उसके बाद आवेदन शुल्क भुगतान करें, जिसकी शुल्क राशि ₹1000 – ₹1700 तक होती है। शुल्क भुगतान आप ऑनलाइन डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेटबैंकिंग या UPI के माध्यम से कर सकते हैं।
- काउंसलिंग के लिए आवेदन (परीक्षा परिणाम के बाद): NEET-UG परिणाम घोषित होने के बाद अपनी रैंक के अनुसार ऑल इंडिया कोटा (AIQ) या राज्य कोटा काउंसलिंग के लिए आवेदन करें। काउंसलिंग प्रक्रिया में आपको कॉलेज, कोर्स और शाखा चुनने का अवसर मिलता है।
- दस्तावेज सत्यापन एवं प्रवेश की पुष्टि: काउंसलिंग में सीट आवंटित होने के बाद संबंधित संस्थान में दस्तावेज सत्यापन कराएँ और निर्धारित कोर्स फीस जमा करके बीएएमएस स्नातक प्रोग्राम में अपना प्रवेश सुनिश्चित करें।
महत्वपूर्ण दस्तावेज:
BAMS कोर्स करने के लिए सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सूची दी गई है:
- 10वीं की मार्कशीट
- 12वीं की मार्कशीट
- ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC)
- चरित्र प्रमाण पत्र
- NEET स्कोर कार्ड
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट (NRI/विदेशी छात्रों के लिए)
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC)
- सीट अलॉटमेंट पत्र
- आय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास प्रमाण पत्र
- स्वास्थ्य प्रमाण पत्र

बीएएमएस कोर्स फीस
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स की फीस विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और आयुर्वेद संस्थानों में अलग-अलग निर्धारित होती है। इस कोर्स की फीस की संरचना संस्थान के प्रकार (सरकारी एवं निजी), रैंकिग, शैक्षणिक प्रतिष्ठा तथा उपलब्ध सुविधाओं जैसे छात्रावास, मेस, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, अध्ययन सामग्री और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है। यहाँ नीचे संस्थान के प्रकार के अनुसार बीएएमएस कोर्स की अनुमानित फीस संरचना का विवरण प्रस्तुत किया गया है।
| संस्थान का प्रकार | अनुमानित वार्षिक फीस (₹) | कुल फीस |
| सरकारी मेडिकल कॉलेज | ₹15,000 – ₹40,000+ | ₹75,000 – ₹1,20,000+ |
| सरकारी आयुर्वेद संस्थान | ₹20,000 – ₹50,000+ | ₹1,00,000 – ₹2,50,000+ |
| निजी आयुर्वेद संस्थान | ₹60,000 – ₹2,50,000+ | ₹3,00,000 – ₹12,50,000+ |
बीएएमएस कोर्स करियर विकल्प
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद जब आपके पास आयुर्वेदिक चिकित्सा में स्नातक डिग्री होती है, तब करियर के कई अनेक सुनहरे अवसर खुल जाते हैं। इस प्रोग्राम को करने के बाद छात्रों के पास मुख्य दो विकल्प हो होते हैं नौकरी या उच्च शिक्षा। आप अपनी रूचि, योग्यता, कौशल और आर्थिक स्थिति के अनुसार किसी एक विकल्प को चुन सकते हैं। यहाँ नीचे बीएएमएस के बाद उपलब्ध कुछ प्रमुख करियर विकल्प और विभिन्न क्षेत्र दिए गए हैं।
- प्रमुख करियर विकल्प: आयुष मेडिकल ऑफिसर, आयुष मेडिकल ऑफिसर, जूनियर डॉक्टर, पंचकर्म विशेषज्ञ, रेजिडेंट डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर (आयुर्वेद), बाल रोग विशेषज्ञ, रिसर्च ऑफिसर, जिला आयुष अधिकारी, आयुष चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय आयुर्वेद चिकित्सक, अनुसंधान वैज्ञानिक, नैदानिक अनुसंधान समन्वयक, परियोजना अधिकारी, अनुसंधान सहयोगी, क्लिनिकल ट्रेनर, व्याख्याता (आयुर्वेद), सहायक प्रोफेसर, चिकित्सा प्रतिनिधि, गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी, उत्पादन प्रबंधक, उत्पाद विकास अधिकारी और स्वास्थ्य सेवा प्रशासक।
- प्रमुख करियर क्षेत्र: सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल, आयुष औषधालय, निजी आयुर्वेदिक अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बहुविशेषज्ञता अस्पताल, रक्षा सेवाएँ (आयुष शाखा), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, रेलवे, राज्य आयुष विभाग, औषधि अनुसंधान प्रयोगशालाएँ, जन स्वास्थ्य अनुसंधान, आयुर्वेदिक अनुसंधान संस्थान, पैरामेडिकल संस्थान, आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय, चिकित्सा विपणन, आयुर्वेदिक फार्मा कंपनियाँ, पंचकर्म केंद्र और योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र।
- उच्च शिक्षा के विकल्प: एमडी (आयुर्वेद), पीएचडी, एमएस (आयुर्वेद), पंचकर्म विशेषज्ञता, मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ और MBA (हॉस्पिटल एवं हेल्थकेयर मैनेजमेंट)।
- उद्यमिता के विकल्प: स्वयं का आयुर्वेदिक क्लिनिक, पंचकर्म थेरेपी सेंटर, आयुर्वेदिक/हर्बल उत्पाद निर्माण, वेलनेस रिसॉर्ट, योग केंद्र और आयुर्वेदिक फार्मा यूनिट।
संबंधित लेख: बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स क्या है?
बीएएमएस कोर्स के बाद वेतन
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) आयुर्वेद कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवार की सैलरी कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करती है, जैसे- कार्य अनुभव, पद (जॉब प्रोफाइल), कार्यस्थल शहर, सरकारी या निजी क्षेत्र, पेशेवर कौशल और अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता आदि। आयुर्वेदिक चिकित्सा क्षेत्र में शुरुआती वेतन अपेक्षाकृत कम हो सकता है, लेकिन अनुभव और विशेषज्ञता बढ़ने के साथ आय में उल्लेखनीय वृद्धि भी होती है। यहाँ नीचे क्षेत्रवार बीएएमएस आयुर्वेद चिकित्सा डिग्री धारकों को मिलने वाली अनुमानित सैलरी का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है।
| कार्य क्षेत्र | अनुमानित मासिक आय (₹) |
| सरकारी अस्पताल | ₹40,000 – ₹90,000 |
| फार्मा कंपनी | ₹25,000 – ₹60,000 |
| निजी अस्पताल | ₹20,000 – ₹50,000 |
| उद्यमिता (स्वरोजगार) | ₹50,000 – ₹2,00,000+ |
| विदेश अवसर | ₹1,50,000+ (देश अनुसार) |
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कुछ संबंधित प्रश्न: FAQs
BAMS कोर्स की अवधि कितनी होती है?
BAMS कोर्स की अवधि मुख्य रूप से 5.5 वर्ष की होती है, इस अवधि के दौरान 4.5 वर्ष की सैद्धांतिक और व्यावहारिक अकादमिक शिक्षा और 1 साल की इंटर्नशिप शामिल होती है।
BAMS और MBBS में क्या अंतर है?
MBBS (बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी) एक एलोपैथिक चिकित्सा डिग्री प्रोग्राम है, वहीं BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली पर आधारित डिग्री प्रोग्राम है।
क्या बीएएमएस करने के लिए NEET जरूरी है?
जी हाँ, BAMS में प्रवेश के लिए NEET-UG प्रवेश परीक्षा अनिवार्य है, इस परीक्षा को National Testing Agency द्वाराआयोजित किया जाता है।
क्या बीएएमएस के बाद अपना क्लिनिक खोल सकते हैं?
हाँ, BAMS की डिग्री प्राप्त करने के बाद आप चिकित्सा लाइसेंस लेकर खुद का आयुर्वेदिक क्लिनिक या पंचकर्म सेंटर खोल सकते हैं।
क्या बीएएमएस का भविष्य सुरक्षित है?
हाँ, आज के समय में आयुर्वेद की बढ़ती माँग के कारण केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी BAMS डिग्री धारकों की जरूरत है। यह स्नातक कोर्स एक भविष्य उन्मुख करियर विकल्प हो सकता है।
निष्कर्ष:
BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) केवल एक आयुर्वेदिक स्नातक डिग्री नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक सम्मानजनक, स्थिर और दीर्घकालिक करियर का मजबूत मार्ग प्रदान करती है। आयुर्वेद की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता, प्राकृतिक एवं समग्र उपचार पद्धतियों की बढ़ती माँग तथा सरकार द्वारा आयुष क्षेत्र को मिल रहे प्रोत्साहन के कारण बीएएमएस कोर्स पहले से अधिक प्रासंगिक और करियर उन्मुख बन चुका है। इस कोर्स को करने के बाद सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में व्यापक रोजगार अवसर उपलब्ध होते हैं। इसके अतिरिक्त, आप उच्च शिक्षा, शोध कार्य, शिक्षण क्षेत्र या स्वयं का आयुर्वेदिक क्लिनिक शुरू कर उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ सकते हैं।
छात्रों, इस लेख में हमने बीएएमएस आयुर्वेद डिग्री से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे- पात्रता मानदंड, प्रवेश प्रक्रिया, प्रमुख संस्थान, करियर विकल्प और अनुमानित वेतन की विस्तृत एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की है। हम उम्मीद करते है कि आपको बीएएमएस से संबंधित सभी प्रश्नों के जवाब जरूर मिलें होंगे। अंत में इतना कहना चाहते हैं कि यदि आप आयुर्वेद चिकित्सा क्षेत्र में उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य बनाना चाहते हैं, तो 2026 में बीएएमएस कोर्स एक उत्कृष्ट और संभावनाओं से भरपूर विकल्प साबित हो सकता है।
