इस डिजिटल युग में सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology – IT) हर क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रही है। चाहे कोई सरकारी क्षेत्र हो, बैंकिंग सेक्टर, फाइनेंस या टेक कंपनी हर क्षेत्र में आईटी विशेषज्ञों का मांग लगातार बढ़ रही है। यदि आप ऐसे छात्र हैं, जो 2026 में 10वीं उत्तीर्ण करने वाले हैं और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और तकनीकी में रुचि है, तो सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा (Diploma in Information Technology) कोर्स एक बेहतर विकल्प हो सकता है। 10वीं उत्तीर्ण करने के बाद तकनीकी क्षेत्र में डिप्लोमा कोर्स करने की चाह रखने वाले अधिकांश छात्र डिप्लोना इन आईटी कोर्स को प्राथमिकता देते हैं।
यह कोर्स न केवल शैक्षणिक योग्यता प्रदान करता है, बल्कि आईटी से संबंधित व्यावहारिक और तकनीकी कौशलों का ज्ञान भी देता है। आज इस ब्लॉग लेख में सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी मिलने वाली है। लेख में आपको इस कोर्स से संबंधित पात्रता, फीस, प्रवेश प्रक्रिया, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस, शीर्ष संस्थान और विभिन्न करियर अवसरों की जानकारी मिलने वाली है।

| कोर्स का नाम | सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा |
| अवधि | 3 वर्ष |
| योग्यता | किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं उत्तीर्ण |
| पात्रता | मेरिट-योग्यता या प्रवेश परीक्षा |
| स्तर | डिप्लोमा |
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स क्या है?
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा (Diploma in Information Technology) एक अंडरग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स है और इसकी अवधि 2-3 होती है, जिसमे कुल 6 सेमेस्टर होते हैं। डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी कोर्स खास उन छात्रों के लिए उपयुक्त विकल्प है, जो बीटेक या इंजीनियरिंग कोर्स किए बिना कम समय में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, नेटवर्किंग, कंप्यूटर विज्ञान, प्रोग्रामिंग भाषा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हार्डवेयर के क्षेत्र में व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान हासिल करना चाहते हैं। यह डिप्लोमा, इंजीनियरिंग के मुकाबले ज्यादा कौशल आधारित होता है, आसान शब्दों में यह कोर्स ज्यादातर कौशल प्रदान करता है, जो सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देता है।
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स क्यों चुनें?
सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा कोर्स को चुनने का कोई एकमात्र कारण नहीं है, बल्कि छात्र अपनी रुचि, क्षमता और करियर लक्ष्य अनुसार इस डिप्लोमा कोर्स को चुनते हैं। लेकिन एक छात्र को सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा कोर्स क्यों चुनना चाहिए, नीचे कुछ प्रमुख कारणों को स्पष्ट किया गया है।
- कम समय में तकनीकी ज्ञान: केवल 3 वर्ष में तकनीकी ज्ञान और कौशल (कंप्यूटर नेटवर्क, प्रोग्रामिंग भाषा, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम) हासिल करने के लिए यह कोर्स बेहतर विकल्प है। ऐसे छात्र जो आईटीआई करने के बाद इस डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेते हैं, उनके लिए केवल 2 वर्ष की अवधि निर्धारित होती है।
- 10वीं के बाद ही करियर: जिन छात्रों का सपना 10वीं के बाद जल्दी करियर बनाना है, उनके लिए यह डिप्लोमा कोर्स बेहतर साबित होता है। सूचना प्रोद्योगिकी डिप्लोमा कोर्स में 10वीं उत्तीर्ण करने के बाद ही दाखिला ले सकते हैं और डिप्लोमा पूरा होने के बाद आगे की पढ़ाई के साथ नौकरी के अवसर भी प्राप्त कर सकते हैं।
- कम फीस बेहतर करियर: ऐसे छात्र जो सूचना प्रोद्योगिकी (IT) कोर्स करने के लिए, महंगी शुल्क होने के कारण B.Tech या Engineering में प्रवेश नहीं ले पाते हैं, उन छात्रों के लिए IT डिप्लोमा बेहतर विकल्प होता है। कम शुल्क के साथ, कम समय में इस डिप्लोमा कोर्स को करके शानदार करियर बना सकते हैं।
- IT क्षेत्र में तेजी से बढ़ते रोजगार के अवसर: आज के समय में टेक, टेलिकॉम, ई-कॉमर्स, स्वास्थ्य, बैंकिंग और शिक्षा सभी सूचना प्रोधोगिकी (IT) पर निर्भर है। आने वाले समय में तकनीकी में आज दौर के मुकाबले एक IT डिप्लोमा धारक के लिए नौकरी और अन्य करियर की कोई कमी नहीं हो सकती है।
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स पात्रता
2026 में डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में दाखिला लेने के लिए कुछ आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और जरूरी कौशलों का मानदंड होना अनिवार्य है। नीचे इस डिप्लोमा कोर्स से संबंधित सभी मानदंड दिए गए हैं।
शैक्षणिक योग्यता:
- उम्मीदवार किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं गणित विषय में उत्तीर्ण हो।
- अधिकांश संस्थानों में उम्मीदवार के न्यूनतम अंक कम से कम 50% होना आवश्यक होता है।
- अधिकतर पॉलिटेक्निक संस्थानों में SC/ST/OBC श्रेणी के विद्यार्थियों को अंकों में 5% तक की छूट प्रदान की जाती है।
- ITI प्रमाणपत्र धारी उम्मीदवारों को सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा में दूसरे वर्ष में प्रवेश मिल जाता है।
आयु सीमा:
- उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए।
- अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष तक हो सकती है, हालाँकि संस्थान अनुसार बदलाव भी हो सकते हैं।
- आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट प्रदान की जाती है।
नागरिकता:
- उम्मीदवार को भारतीय नागरिक (Indian Citizen) होना आवश्यक है।
प्रवेश प्रक्रिया:
सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा में प्रवेश दो माध्यमों से होता है मेरिट-योग्यता या प्रवेश परीक्षा आधारित।
- प्रवेश परीक्षा: सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश हेतु प्रति वर्ष कई राज्य अपनी-अपनी पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। जैसे JEECUP, AP POLYCET, JEXPO, DCECE, MP PPT आदि। इसके अलावा कई विश्वविद्यालय अपने मैनेजमेंट कॉलेजों में इस डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए खुद की प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। छात्रों को पहले संस्थान या राज्य पॉलिटेक्निक की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर परीक्षा के लिए आवेदन करना होता है। आवेदन के बाद कुछ दिनों बाद प्रवेश पत्र जारी किया जाता है, जिसे लेकर परीक्षा केंद्र जाएँ और परीक्षा में शामिल हों। अब परीक्षा परिणाम आने के बाद काउंसलिंग के लिए आवेदन करें और सीट आवंटित होने के बाद संस्थान में जाकर दस्तावेज सत्यापन तथा कोर्स फीस जमा करें।
- मेरिट आधारित प्रवेश: कुछ निजी संस्थान छात्रों का आकलन करने के लिए मेरिट-योग्यता के आधार पर दाखिला देते हैं। छात्रों को पहले संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है और उसके बाद कुछ सप्ताह बाद मेरिट-सूची जारी की जाती है। मेरिट सूची कई चरणों में जारी की जाती है, जिसके बाद चयनित छात्रों को संस्थान जाकर दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करनी होती है। सभी प्रक्रियाएँ हो जाने के बाद सीट आवंटित कर दी जाती है।
प्रमुख कौशल ज्ञान
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक तकनीकी क्षेत्र है, जिसमे प्रवेश लेने के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ बुनियादी तकनीकी कौशलों का ज्ञान होना भी आवश्यक है। यहाँ नीचे कुछ प्रमुख कौशलों की सूची दी गई है।
- कंप्यूटर की मूलभूत समझ
- बुनियादी प्रोग्रामिंग भाषा की समझ
- संचार और प्रस्तुति कौशल
- बुनियादी अंग्रेजी भाषा की समझ
- नई तकनीकों को सीखने की क्षमता
- तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच
- समस्या समाधान की क्षमता
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स सिलेबस
डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी (IT) का सिलेबस इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग, जटिलताएँ, अनुप्रयोग और कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियाँ जैसे अवधारणाओं में शामिल है। सभी राज्यों के पॉलिटेक्निक संस्थानों और निजी संस्थानों में पाठ्यक्रम की आकृतियाँ भिन्न हो सकती हैं। यहाँ नीचे सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा के प्रमुख विषयों की सूची दी गई है।
- कंप्यूटर फंडामेंटल्स
- इंजीनियरिंग मैथमेटिक्स
- कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन
- डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स
- कम्युनिकेशन स्किल्स
- कंप्यूटर नेटवर्क
- Programming in C
- ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग विद C++
- ऑपरेटिंग सिस्टम
- डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम
- सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग
- सार्वभौमिक मानवीय मूल्य
- अनुप्रयुक्त भौतिकी
- टेक्निकल ड्राइंग
- Android Application Development
- इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की मूल बातें
- जावा प्रोग्रामिंग
- इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग
- अनुप्रयुक्त रसायन विज्ञान
- औद्योगिक प्रबंधन और उद्यमिता विकास
- क्लाउड कम्प्यूटिंग
- औद्योगिक प्रशिक्षण
- डेटा स्ट्रक्चर
- कंप्यूटर आर्किटेक्चर और हार्डवेयर

सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स प्रवेश परीक्षाएँ
डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में दाखिला के लिए कई राज्य सरकारें और कुछ निजी संस्थान प्रवेश परीक्षाएँ आयोजित करते हैं। इन परीक्षाओं का उद्देश्य सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा में प्रवेश के लिए ज्ञानपूर्ण छात्रों का चयन करना होता है। नीचे कुछ राजकीय स्तरीय और निजी संस्थानों द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है।
- JEECUP: यह परीक्षा उत्तर प्रदेश राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों में सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा और अन्य डिप्लोमा कोर्सों में प्रवेश हेतु आयोजित की जाती है। JEECUP को Joint Entrance Examination Council (Polytechnic), Uttar Pradesh कहा जाता है और इस परीक्षा में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में उम्मीदवार आवेदन करते हैं।
- Delhi CET: ऐसे छात्र जो राजधानी दिल्ली के पॉलिटेक्निक संस्थानों में सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा कोर्स करना चाहते हैं, उन छात्रों को Delhi Common Entrance Test परीक्षा के लिए आवेदन करना होता है।
- Bihar DCECE: बिहार राज्य सरकार अपने राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों में डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए Diploma Certificate Entrance Competitive Examination परीक्षा आयोजित करती है। बिहार राज्य के छात्र सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा में दाखिला लेने के लिए इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं।
- Jharkhand PECE: यह परीक्षा झारखंड राज्य के लिए आयोजित की जाती है, जिसे झारखंड पॉलिटेक्निक प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा कहते हैं।
अन्य राजकीय परीक्षाएँ:
- Madhya Pradesh Pre-Polytechnic Test
- West Bengal JEXPO
- Punjab Joint Entrance Test
- Andhra Pradesh Polytechnic Common Entrance Test
- Chhattisgarh Pre-Polytechnic Test
- Himachal Pradesh Polytechnic Admission Test
- Telangana State Polytechnic Common Entrance Test
- Uttarakhand JEEP (Joint Engineering Examination Polytechnic)
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स प्रमुख संस्थान
2026 में सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने के लिए भारत में कई सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी संस्थान उपलब्ध हैं, जो आईटी के क्षेत्र में बेहतरीन गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। इन संस्थानों में केवल सैद्धांतिक पढ़ाई ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान, लैब वर्क, प्रोजेक्ट और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कुछ प्रमुख और लोकप्रिय संस्थानों की सूची दी गई है।
सरकारी संस्थान:
भारत के टॉप सरकारी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) डिप्लोमा संस्थान-
- सरकारी पॉलिटेक्निक, मुंबई
- सरकारी पॉलिटेक्निक, लखनऊ
- सरकारी पॉलिटेक्निक, देहरादून
- सरकारी पॉलिटेक्निक, चेन्नई
- सरकारी पॉलिटेक्निक, अहमदाबाद
- सरकारी पॉलिटेक्निक, दिल्ली
- सरकारी पॉलिटेक्निक, गाजियाबाद
- सरकारी पॉलिटेक्निक, पुणे
- सरकारी पॉलिटेक्निक, झांसी
- सरकारी पॉलिटेक्निक, कानपुर
- सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, कोयंबटूर
- सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, जोधपुर
- सरकारी पॉलिटेक्निक, जयपुर
- सरकारी पॉलिटेक्निक, पटना
- सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, अजमेर
- सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, नासिक
- एस. जे. सरकारी पॉलिटेक्निक, बेंगलुरु
- सरकारी पॉलिटेक्निक, वाराणसी
- सरकारी पॉलिटेक्निक, मुरादाबाद
- सरकारी पॉलिटेक्निक, हिसार
- सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, अमृतसर
प्रमुख निजी तकनीकी संस्थान:
- लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा
- गलगोटियास विश्वविद्यालय, नोएडा
- एमआईटी पॉलिटेक्निक, पुणे
- एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई
- मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मणिपाल
- अमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा
- निम्स विश्वविद्यालय, जयपुर
- टेक्नीक पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट, हुगली
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स आवेदन प्रक्रिया
डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी में प्रवेश लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया बहुत ही सरल है, हालाँकि राज्य सरकार, पॉलिटेक्निक बोर्ड और संस्थान के अनुसार आवेदन प्रक्रिया में थोड़ा अंतर हो सकता है। नीचे विस्तार से बताया गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा और मेरिट आधारित आवेदन कैसे करें।
- शोध और चयन: आप जिस राज्य या निजी संस्थान में दाखिला लेना चाहते हो, उसकी आधिकारिक वेबसाइट में जाकर पात्रता की जाँच करें। यदि आप राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान में प्रवेश चाहते हैं, तो उस राज्य की पॉलिटेक्निक वेबसाइट में जाएँ।
- पात्रता की जाँच: सुनिश्चित करें कि 10वीं में कम से कम 50% अंक और न्यूनतम आयु 15 वर्ष हो। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट में जाकर पात्रता की जाँच कर सकते हैं।
- ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें: अधिकांश संस्थानों और राज्यों में आवेदन ऑनलाइन ही होता है। प्रवेश परीक्षा या निजी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट में जाकर रजिस्ट्रेशन करें, उसके बाद व्यक्तिगत विवरण, शैक्षणिक विवरण, संपर्क और पता का विवरण, राष्ट्रीयता, माता-पिता का विवरण की जानकारी भरें और फोटो-हस्ताक्षर अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क: आवेदन शुल्क राज्य और संस्थान अनुसार अलग-अलग निर्धारित होती है। आवेदन भुगतान Net Banking, Credit/Debit Card, UPI के माध्यम से कर सकते हैं।
- प्रवेश परीक्षा: ऐसे उम्मीदवार जो प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिला लेना चाहते हैं, वो एडमिड कार्ड जारी होने के बाद तय तिथि में प्रवेश परीक्षा दें। वहीं जो छात्र मेरिट लिस्ट द्वारा प्रवेश लेना चाहते हैं, उन्हें आवेदन पत्र भरने के बाद मेरिट सूची आने की प्रतीक्षा करना होगा।
- मेरिट लिस्ट और काउंसलिंग: परीक्षा परिणाम आने के बाद कॉउंसलिंग (सलाह-सत्र) की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि मेरिट बनाई जा सके। वहीं मेरिट द्वारा दाखिला लेने वाले उम्मीदवार मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद अपने नाम की जाँच करें।
- दस्तावेज सत्यापन: दोनों प्रकार के माध्यमों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंत में दस्तावेज सत्यापन के लिए प्राप्त हुए संस्थान में जाएँ।
आवश्यक दस्तावेज:
- 10वीं की मार्कशीट
- जन्म प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- प्रवेश परीक्षा रैंक कार्ड (यदि लागू हो)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- चरित्र प्रमाण पत्र
- टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट)
- स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स फीस
डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कोर्स की शुल्क कोई एक निश्चित राशि नहीं होती, बल्कि यह कई कारकों पर निर्भर करती है। यह विभिन्न प्रकार की सुविधाओं (मेस, पुस्तकालय, परीक्षा, छात्रावास और अन्य), संस्थान के प्रकार (सरकारी या निजी), रैंकिंग जैसी धाराओं पर निर्धारित होती है। नीचे सरकारी और निजी संस्थान की अनुमानित वर्षिक फीस की राशि दी गई है। ध्यान रखें कि यह फीस केवल अनुमानित शुल्क है, वास्तविक शुल्क संबंधित संस्थान के अनुसार कम या अधिक हो सकती है।
| संस्थान का प्रकार | औसत वार्षिक फीस | कुल फीस (3 वर्ष) |
| सरकारी संस्थान | ₹10,000 से ₹50,000 | ₹30,000 से ₹1,50,000 |
| निजी संस्थान | ₹35,000 से ₹1,50,000 | ₹1,00,000 से ₹4,50,000 |

सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स करियर
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा एक ऐसा कोर्स है, जिसे करने के बाद निजी और सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में कई करियर विकल्प उपलब्ध हैं, क्योंकि आज के इस तकनीकी दौर में बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, टेक और उद्योग सभी क्षेत्रों में आईटी विशेषज्ञों की मांग है। यह कोर्स न केवल तकनीकी ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि बेहतर भविष्य बनाने का माध्यम भी है। नीचे नीचे डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी के बाद उपलब्ध कुछ प्रमुख करियर विकल्पों की जानकारी दी गई है।
करियर विकल्प:
- सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट
- क्लाउड कंप्यूटिंग
- डेटाबेस मैनेजमेंट
- एप्लिकेशन डेवलपमेंट
- डिजिटल मार्केटिंग
- टेक्निकल असिस्टेंस
- वेब डिजाइनिंग
- साइबर सिक्योरिटी
- नेटवर्किंग
प्रमुख नौकरियों के पद:
- कंप्यूटर ऑपरेटर
- डेटा एंट्री एनालिस्ट
- सॉफ्टवेयर टेस्टिंग असिस्टेंट
- क्लाउड सपोर्ट एसोसिएट
- सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर
- वेब डेवलपर
- नेटवर्क टेक्नीशियन
- टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियर
प्रमुख करियर क्षेत्र:
- आईटी कंपनियाँ: TCS, Infosys, Wipro, HCL, Tech Mahindra आदि।
- टेलीकॉम क्षेत्र: Airtel, Jio, Vodafone Idea
- सरकारी क्षेत्र: ISRO, BHEL, BSNL, NIC, DRDO और रेलवे आदि।
- बैंकिंग: SBI, ICICI, Axis, RBI, PNB, HDFC आदि।
- शैक्षणिक क्षेत्र: स्कूल, कॉलेज यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर लैब असिस्टेंट के तौर पर
- ई-कॉमर्स: Flipkart, Meesho, Amazon
उच्च शिक्षा विकल्प:
डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी कोर्स करने के बाद छात्रों के लिए अधिक ज्ञान और बेहतर करियर ग्रोथ के उद्देश्य से उच्च शिक्षा के कई विकल्प उपलब्ध होते हैं।
- B.Tech / B.E in Information Technology
- B.Tech / B.E in Computer Science
- BCA – Bachelor of Computer Applications
- BSc in Information Technology
- Advanced Diploma Courses (Data Analytics, Cloud Computing, Cyber Security)
संबंधित लेख: मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा क्या होता है और कैसे करें?
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स शुरुआती सैलरी
डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कोर्स करने के बाद शुरूआती सैलरी कार्य क्षेत्र, कंपनी, पद, विभाग और स्थान पर निर्भर करती है। शुरुआत में सैलरी सामान्य हो सकती है, लेकिन अनुभव और कौशल बढ़ने के साथ आय में वृद्धि होती है। नीचे नीचे डिप्लोमा इन आईटी के बाद मिलने वाली अनुमानित शुरुआती सैलरी की जानकारी दी गई है।
| क्षेत्र | औसत प्रारंभिक वार्षिक वेतन |
| सॉफ्टवेयर डेवलपर | ₹4.5 – ₹8 लाख |
| वेब डेवलपर | ₹3 – ₹7 लाख |
| नेटवर्क टेक्निशियन | ₹2 – ₹3 लाख |
| साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट | ₹2.5 – ₹4.5 लाख |
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कुछ संबंधित प्रश्न: FAQs
डिप्लोमा इन इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी क्या है?
डिप्लोमा इन इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक तीन वर्ष का पीजी डिप्लोमा कोर्स है। इस कोर्स में छात्रों को कंप्यूटर, प्रोग्रामिंग भाषा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वेब डेवलपमेंट, डेटा एनालिस्ट और नेटवर्किंग जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।
डिप्लोमा इन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में कितने सेमेस्टर होते हैं?
सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा कुल 3 वर्ष का कोर्स है, जो 6 सेमेस्टरों में विभाजित होता है।
आईटी डिप्लोमा की फीस कितनी है?
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) डिप्लोमा कोर्स की फीस ₹25,000 से ₹4.0 लाख तक हो सकती है।
आईटी डिप्लोमा कितने साल का होता है?
सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स 10वीं उत्तीर्ण छात्रों के लिए 3 वर्ष और आईटीआई (ITI) प्रमाण पत्र धारकों के लिए 2 वर्ष होता है।
डिप्लोमा इन आईटी और डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस में क्या अंतर है?
दोनों ही डिप्लोमा कोर्स लगभग एक समान है, लेकिन आईटी (Information Technology) में नेटवर्किंग और सिस्टम मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रमों में ध्यान दिया जाता है, वहीं कंप्यूटर साइंस (Computer Science) में प्रोग्रामिंग, अल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
निष्कर्ष:
आज के इस तकनीकी युग में सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) ऐसा पेशेवर बन गया हैं जिसकी मांग लगभग सभी क्षेत्रों में है, चाहे शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य, उद्योग हो या सरकारी विभाग। कम समय में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कोर्स करने के लिए डिप्लोमा इन सूचना प्रौद्योगिकी एक बेहतर विकल्प है। यह कोर्स न केवल शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रदान करता है, बल्कि कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, प्रोग्रामिंग और तकनीकी कौशलों का गहरा ज्ञान भी देता है। इस डिप्लोमा को करने के बाद निजी और सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में करियर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
आज इस लेख में हमने सूचना प्रौद्योगिकी डिप्लोमा कोर्स से जुड़ी सभी विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया है। उम्मीद है कि लेख में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी रही होगी। यदि आप 2026 में बेहतर भविष्य के लिए तकनीकी कोर्स करना चाहते हैं, तो सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा कोर्स सुनहरा अवसर हो सकता है।
